अटल व्यवसायिक परिसर का 15 सालों में आबंटन नही कर पाई नगर पंचायत उतई,,,,,कुछ दुकानें यूं ही किराए पर देने की बातें आ रही सामने,किस आधार पर इसका जवाब निकाय अधिकारी व प्रतिनिधियों के पास भी नहीं

ग्राम पंचायत कार्यकाल में जनपद मद से बनी थी दुकानें

उतई (न्यूज 24 कैरेट/सतीश पारख) नगर पंचायत उतई क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 03 स्थित जल परिसर और शासकीय अस्पताल से लगकर,ग्राम पंचायत कार्यकाल में आज से लगभग 15 वर्ष पूर्व ग्राम पंचायतों हेतु बनी योजना अटल व्यवसायिक परिसर योजना से लाखों की लागत से 18 दुकानों का निर्माण किया गया था।जिसका आबंटन शासन की योजना अनुसार जरूरत मंदों को किया जाना था ।किंतु 15 वर्षों के अंतराल के बाद भी उक्त दुकानों का आवंटन नगर पंचायत कर पाने में नाकाम साबित हुई है इस दौरान नगर पंचायत के तीन चुनाव संपन्न होकर तीसरे चुनाव का कार्यकाल भी आधा समाप्त होने को है।किंतु शासकीय मद से बने इस व्यवसायिक परिसर को आबंटित कर जरूरत मंदो को लाभ पहुंचाने में तीनों ही नगर सरकारें नाकाम साबित हुई है।
कुछ माह पूर्व मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पंचायत उतई से मौखिक चर्चा के दौरान उन्होंने आबंटन की प्रक्रिया पुनः प्रारंभ करने की बात कही थी।साथ ही वर्तमान में कुछ दुकानों को किराए में दे देने की बात पर उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की थी ।किंतु आज दिनांक तक आबंटन की प्रक्रिया पर कार्यवाही शून्य ही है।
उक्त व्यवसायिक परिसर की एक दुकान में शासन की दवाई दुकान के अतिरिक्त शासकीय उचित मूल्य अनाज रखने व वितरण हेतु तीन दुकानें दी गई है। शेष बची 12 दुकानों में कुछ दुकानों को यूं ही कुछ व्यवसायियों को किराए में दे देने की जानकारी मिली है ।किंतु इस पूरी प्रक्रिया में शासन के नियमों की अनदेखी कर मनमानी ही उजागर हुई है। जो सर्वथा गलत है।

ग्राम पंचायत कार्यकाल में बनी दुकानों का नही कर पाए आबंटन अब नगरीय निकाय योजना अंतर्गत करोड़ों की लागत से पालिका बाजार बनाने की तैयारी

वर्तमान में निकायों हेतु शासन की योजना से करोड़ों की लागत से पालिका बाजार के नाम पर वृहद व्यवसायिक परिसर हेतु शासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है ।जिस हेतु अब तक प्रक्रिया तो प्रारंभ नही हुई है किंतु शीघ्र ही प्रक्रिया प्रारंभ करने की जानकारी मिल रही है ।इस योजना से पचासों दुकानों का निर्माण होगा किंतु चयनित स्थल जिसका बहुतायत हिस्सा कब्जों की भेंट चढ़ा हुआ है ।जिस हेतु निकाय प्रयासरत है किंतु इस हेतु समय कितना लगेगा यह स्पष्ट नही है।
शासन की योजना से यह व्यवसायिक परिसर भी बनकर तैयार तो हो जाएगा किंतु इसकी उपयोगिता पर प्रश्न चिन्ह लगा हुआ रहेगा।क्योंकि जो निकाय 15 सालों में 18 दुकानों का आवंटन नही कर पाई है वो सैकड़ों दुकानों का आवंटन करने में कहां तक सफल हो पाएगी ये समय के गर्त में है ।या अटल व्यवसायिक परिसर की तरह करोड़ों की लागत लगाकर पालिका बाजार भी स्मारक बनकर ही रह जाएगा यह सोचनीय विषय है।

अटल व्यवसायिक परिसर बनना था कंडरा तालाब पार पर किंतु राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते ऐसी जगह बना दिया गया जिस तक पहुंचने के सारे मार्ग अतिक्रमण की भेंट चढ़ गए ।जिसके चलते यह योजना पूर्ण रूप से असफल साबित हो गई क्योंकि कब्जों को बढ़ने से रोक पाने में नगर की सभी सरकारें नाकाम साबित हुई।

पालिका बाजार खुली जगह पर बनने पर ही होगी योजना सफल

पालिका बाजार प्रदेश सरकार की अत्यंत ही महत्वकाक्षी योजना है इस योजना के क्रियान्वयन हेतु मुख्य बाजार मार्ग पर नहरों के किनारे ,स्कूल बाउंड्रीवॉल के किनारे, कंडरा तालाब पार कुछ अतिक्रमणों को हटाकर बनाया जाएगा तभी इस योजना के सफलता की गारंटी हो सकती है क्योंकि उतई का व्यवसाय अभी इतना नही की अंदर हिस्से में व्यवसाय चल सके।जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण नगर में बनाए गए कुछ निजी कांप्लेक्स है जो असफलता के आंसू बहाने मजबूर है।इसलिए बहुत ही गहरी सोच के बाद ही स्थल चयन कर पालिका बाजार बनाया जाय ताकि आबंटन धारियों को बाद में आर्थिक परेशानियों का सामना ना करना पड़े बल्कि उनकी रोजी रोटी बिना किसी व्यवधान के चल सके।

निजी लाभ भुलाकर भविष्य की सोच रखनी होगी तभी सफल होगा पालिका बाजार

नगर पंचायत के अधिकारियों व प्रतिनिधियों को निजी लाभ भुलाकर नगर को व्यवस्थित करने भविष्य की सोच रखकर पालिका बाजार हेतु कुछ कड़े फैसले लेने होंगे तभी पालिका बाजार सफलता की मंजिल पा सकेगा। इस हेतु प्रभावितों को अतिक्रमण हटाने होंगे और प्रभावित व्यवसायियों को नगर पंचायत द्वारा पालिका बाजार में ही व्यवस्थापित करना होगा।ताकि सभी का खुशी खुशी बिना किसी व्यवधान के सहयोग मिल सके।

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