उतई।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग बी एन मीणा के निर्देशानुसार,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अनंत साहू,पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पाटन देवांश सिंह राठौर,उतई थाना प्रभारी नवी मोनिका पांडेय के मार्गदर्शन से पुलिस चौकी मचांदुर प्रभारी श्याम सिंह नेताम के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार ग्रामीणों को अपराध से बचने ऑनलाइन ठगी ओटीपी नंबर के संबंध में लगातार दी जा रही है जानकारी। मचांदुर सरपंच दिलीप साहू ने कहा कि पुलिस विभाग की सराहनीय कार्य हैं जनता पुलिस के साथ जुड़ेंगे तो अपराध काम होगा और ग्रामीण कुछ करने से पहले पुलिस को सूचना देगा इसके लिए जन चौपाल एक बहुत अच्छा माध्यम हैं।इस अवसर पर जनपद सदस्य लेखन साहू, सरपंच दिलीप साहू उपसरपंच गजेंद्र कुमार साहू,सचिव धारेन देवांगन,पंच प्रवीण यदु, साहू,तुकाराम साहू,ललित पटेल,गणपत साहू,गीतूराज,सज्जाद खान,जसलोक साहू,फलेंद्र सिंह राजपूत,मनोज राजपूत,छबिलाल निषाद,नरेश यदु,लेखनी देवांगन,तारणी देवांगन,प्रीति साहू,मधु पटेल,रेखा यादव,ममता निषाद,चंद्रिका देवांगन,बीटान निषाद,प्रमुख रूप से उपस्थित रहें।
मचांदुर पुलिस चौकी उप निरक्षक बलदाऊराम साहू,आरक्षक जगेंद्र साहू,के द्वारा ग्राम पंचायत मचांदुर में ग्रामीण लोगो को साईबर अपराधो से बचनें हेतु जागरुक किया। क्योकि आज की डिजिटल दुनिया मे जैसे-जैसे तकनीकी बढती जा रही है वैसे-वैसे साईबर अपराधी भी अलग-अलग तरीके अपनाकर लोगों के साथ साईबर धोखाधडी करते हैं। ऐसे अपराधियों से बचनें के लिए खुद को जागरुक व सावधान रखनें की आवश्यकता है। साईबर अपराध वारदातो की तरीको बारें अवगत करवाया गया और फोन में प्राप्त ओटीपी या बैंक सम्बन्धी जानकारी किसी अन्जान व्यकित के साथ सांझा ना करें ना ही किसी फोन में प्राप्त किसी अन्जान लिंक इत्यादि पर क्लीक करे और सोशल मीडिया (फेसबुक तथा इंसटाग्राम) पर प्राईवेसी सिक्युरिटी लगाकर रखें और अपनें अकाउंट का मजबुत पासवर्ड बनाये और समय-2 पर बदलते रहें।इसके साथ ही जानकारी देते हुए बताया कि अगर आप ऑनलाइन किसी एप से लोन ले रहे हैं तो सावधान रहें. क्योंकि पहले ये एप चंद मिनट में ऑनलाइन लोन देते हैं और लोन अप्रूवल करवाने के नाम पर एप्लीकेशन इंस्टॉल करवा कर फोन हैक कर लेते हैं इसके बाद फोन से सभी निजी डेटा भी चुरा लेते हैं इसके बाद लोन लेने वाले ग्राहक के परिजनों दोस्तों को अश्लील मैसेज भेज कर लोन लेने वाले ग्राहक को ब्लैकमेल किया जाता है क्योंकि आजकल युवा सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते है बार लोन लेनें बारे विज्ञापन सामनें आते है ऐसे में युवा 3 हजार से 10 हजार तक के लोन मामूली छोटे लोन समझ कर ले ले लेते हैं और बिना कहीं जाए बैठे-बैठे मोबाइल में से लोन अप्रूवल हो जाता है, लेकिन कई बार उसकी भारी कीमत चुकानी पड़ जाती है।इसके साथ ही मनी ट्रांसफर एपलिकेशन (गुगल पे. फोन पे.) इत्यादि को सावधान पूर्वक प्रयोग करें याद रहे जब भी आप इन एप्स के द्वारा अपनें बैंक की पिन डाल रहें है तो पैसा आपके खाते से किसी दुसरे के खातें में जा रहा है और इन एपस के माध्यम से प्राप्त मनी रिक्वेस्ट इत्यादि पर क्लीक ना करें इसे तुरन्त डिलिट करे दें। इसके अलावा किसी व्यकित के द्वारा बताये गये किसी भी आफर या किसी प्रकार का लालच मे ना फसें।
दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम मचांदुर में पुलिस द्वारा जन चौपाल लगाकार ऑनलाइन ठगी के संबंध में दी जानकारी
