शासकीय महाविद्यालय उतई में आई.क्यू.ए.सी. एवं भूतपूर्व छात्र-छात्राओं की बैठक सम्पन्न,,,,,पिछले कुछ वर्षों में महाविद्यालय में अभूतपूर्व विकास हुआ है

उतई *(न्यूज24 कैरेट/सतीश पारख)* शासकीय दानवीर तुलाराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय उतई में भूतपूर्व छात्र-छात्राओं और आई.क्यू.ए.सी. की बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश पांडे ने भूतपूर्व विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि “उतई महाविद्यालय राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ चुनिन्दा श्रेष्ठ महाविद्यालयों में से है। यहाँ की आधारभूत संरचनाएँ बहुत अच्छी है। इस महाविद्यालय के पास 22 एकड़ भूमि है और विकास की अनंत संभावनाएँ हैं। यहाँ के भूतपूर्व छात्र समाज के विविध क्षेत्रों में पत्रकार, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं शासकीय सेवक के रूप में अपना योग दे रहे है। भूतपूर्व छात्र-छात्राओं की भावना अपनी संस्था से हमेशा जुड़ी होती है और महाविद्यालय के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान होता है।” इस अवसर पर भूतपूर्व छात्र और जनभागीदारी के अध्यक्ष डॉ. प्रहलाद वर्मा ने कहा कि जनभागीदारी समिति विद्यार्थियों के हर आवश्यक सुविधाओं को पूरा करने में महाविद्यालय को सहयोग प्रदान करेंगा। उन्होंने महाविद्यालय के भूतपूर्व छात्र एवं उतई नगर पंचायत के अध्यक्ष डिकेन्द्र हिरवानी की इस बात के लिए प्रशंसा की कि बहुत कम समय में महाविद्यालय को स्वच्छ और सुन्दर बनाने में उन्होंने अपना बहुमूल्य योग दिया। समस्त भूतपूर्व विद्यार्थियों ने एक स्वर से स्वीकार किया कि पिछले कुछ वर्षों में महाविद्यालय में अभूतपूर्व विकास हुआ है। यह हमारे सपने को सच होने जैसा है। भूतपूर्व विद्यार्थियों की बैठक में उतई नगर पंचायत के अध्यक्ष डिकेन्द्र हिरवानी, जनभागीदारी के अध्यक्ष डॉ. प्रहलाद वर्मा, शिक्षक प्रहलाद सिन्हा एवं मुकेश वर्मा, व्यवसायी एवं सामाजिक कार्यकर्त्ता सतीश पारख, पत्रकार सुरेन्द्र शर्मा, एल्डरमैन प्रेम नारायण साहू आदि उपस्थित थे। आंतरिक गुणवत्ता सुधार प्रकोष्ठ की बैठक में प्राचार्य डॉ. पांडे के अलावा डिप्टी कलेक्टर श्री जागेश्वर कौशल, उद्योगपति श्री मधुसूदन गुप्ता, जनभागीदारी के अध्यक्ष डॉ. प्रहलाद वर्मा के अतिरिक्त महाविद्यालय के प्रकोष्ठ के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। इस बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि महाविद्यालय की चहारदीवारी निर्माण हेतु शासन को प्रस्ताव भेजा जाए, बायोटेक्नोलॉजी और कम्प्यूटर साइंस की स्ववित्तीय योजना के अन्तर्गत संचालित स्नातक कक्षाओं को शासन द्वारा अधिग्रहित किए जाने का अनुरोध उच्च शिक्षा विभाग से किया जाए। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त फर्नीचरों का सुधार, सभा कक्ष का पुनर्नवीकरण, महाविद्यालय के रंगरोगन, नाम निर्देशिका पट्टिका, औद्योगिक भ्रमण तथा महाविद्यालय को दो पालियों में संचालित किए जाने का सुझाव रखा गया। उपर्युक्त सुझावों को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक का संचालन आई.क्यू.ए.सी. की प्रभारी डॉ. पी. वसंत कला ने किया।  पंकज सोनी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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