विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही से ओपन परीक्षा से वंचित हुई छात्रा ,लोहरसी परिक्षा केंद्र का विवादों से रहा है पुराना नाता है,जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा भोग रहे छात्र -छात्राए।

विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही से ओपन परीक्षा से वंचित हुई छात्रा ,लोहरसी परिक्षा केंद्र का विवादों से रहा है पुराना नाता है,जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा भोग रहे छात्र -छात्राए।

परमेश्वर कुमार साहू@गरियाबंद,बोर्ड परीक्षा होने के बाद ओपन स्कूल की परीक्षा जारी है, ऐसे में छात्र छात्राओं को परीक्षा पूर्व प्रवेश पत्र एवं पाठ्यपुस्तक भी दी जाती है ताकि परीक्षा पूर्व तैयारी कर से।लेकिन लोहरसी परीक्षा केंद्र में शिक्षकों की मनमानी एवं लापरवाही की वजह से पढ़ाई कर रहे कुछ बच्चों को समय पर प्रवेश पत्र और पुस्तक नहीं मिलने से परीक्षा से वंचित होना पड़ा है।

मामला ग्राम पंचायत सरकड़ा में पढ़ने वाले कुमारी सुमन का है। जिन्हें 3 तारीख को पेपर में बैठना था पर परीक्षा के दिन किसी दूसरे के माध्यम से इनको पता चला कि आज परीक्षा है जब वह प्रवेश पत्र लेने लोहरसी स्कूल परीक्षा केंद्र गए तो उसे प्रवेश पत्र नहीं दिया गया न ही पुस्तक दिया गया।
बता दे की लोहरसी ओपन स्कूल केंद्र का विवादों से चोली दामन का साथ है यहां पूर्व मे अधिक फिस वसूली ,सामूहिक नकल ,जैसे विभिन्न प्रकार के आरोप लगते आ रहे है एव पूर्व में भी वार्षिक परीक्षा केंद्र में भारी अनियमित्ता देेेेखने को मिला था जहां छात्र छात्राओं सहित दिव्यांग छात्र से केंद्र प्रभारी द्वारा अतिरिक्त शुल्क लेने की घटना सामने आई थी ।मीडिया मे लगातार खबर प्रकाशन की गई पर कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति कर अधिकारियों ने मामले को दबा दिया। जब छात्रा सुमन एवं उसके पालक खुबलाल निषाद ने बताया 28 तारीख का प्रवेश आ गया था। उसी दिन वितरण कर देना था, पर हम लोगों को जानकारी नहीं दिया गया ना ही मोबाइल नंबर को परीक्षा ग्रुप में जोड़ा गया । जिस कारण हमें समय पर परीक्षा की जानकारी नहीं हुई । दूसरे के माध्यम से पता चला तो परीक्षा केंद्र लोहरसिंग गए। उसी दिन प्रवेश पत्र दिया और पुस्तक भी दिए ।स्कूल शाला प्रबंधन की लापरवाही से एक विषय के लिए छात्रा परीक्षा से वंचित हो गई। पालक खूब लाल ने बताया कि ऐसे और भी छात्र-छात्राएं है जिनको जानकारी नहीं मिली है 15 से 20 बच्चे होंगे हैं। जिन्होंने परीक्षा नहीं दिया उनका प्रवेश पत्र स्कूल में आज भी होगा ।लेकिन उल्टा शिक्षकों ने हमें गलती बताते हुए हमारे साथ दुर्व्यवहार भी किया ।साथ हि परीक्षा शुल्क 1370 रु लिया है।जबकि 10 वी कक्षा के पढ़ाई के लिए और 1130 रुपए मे हम लोगो से घर आकर रजिस्टर मे दस्तखत करवाया है । बता दे ओपन प्रभारी लोहरसीग द्वारा दिब्यांग छात्र से अतिरिक्त शुल्क लिया गया मामले की जांच भी हुई और मामले को रफा दफा कर दिया गया। इसमे प्रभारी सहित विकासखंड शिक्षाधिकारी ,जिला समन्यवक सहित प्रिंसिपल की मिलभगत है ।जो हर बार बच्चे पढ़ाई के नाम पर ठगे जा रहे है ।

जब इस मामले को लेकर लोहरसी प्राचार्य और केंद्र प्रभारी अपने ऊपर लग रहे आरोप को बेबुनियाद बता रहे है और निर्धारित शुल्क से अधिक राशि नही लेने की बात करते हुए गोल मोल जवाब देने से भी गुरेज नहीं कर रहे है।

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