पाटन। रविवार को जोत जंवारा विसर्जन से अंचल के गाँव-गाँव मे भक्ति उल्लास छाया रहा। महिलाएं सिर पर कलश धारण किए चल रहीं थी। धूप की तपन से बचाने के लिए सेवादार सड़कों पर पानी का छिड़काव करते चल रहे थे। श्रद्धालुओं की आस्था देखकर कई घर के सामने लोग घरों से पाइप के जरिये सड़क पर पानी डालकर ठंडक पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे।
चैत्र नवरात्र के अंतिम दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धि दात्री का विशेष श्रृंगार कर पूजा-अर्चना की गई। आरती के पश्चात कन्या भोजन का सिलसिला शुरू हुआ। वहीं जोत जवारा विसर्जन यात्रा निकाली गई।
अंचल के ग्राम सेलूद, छाटा, अचानकपुर,ढौर,धौराभांठा, मुड़पार,चुनकट्टा,महकाकला,महकाखुर्द,बोहारडीह,पतोरा,गोंड़पेंड्री,मोतीपुर,चीचा, सांकरा,देवादा सहित अन्य गावों में शीतला मंदिर एवं घरों में स्थापित जोत जंवारा का विर्सजन ढोल मंजीरा के थाप पर श्रद्धालु नाचते गाते विसर्जन किए।
मांदर की थाप पर एवं देवी जसगीत पर झूमते गाते जोत जंवारा का हुआ विसर्जन
