महिला स्व-सहायता समूह की महिलायें भी कोरोना से कर रही मुकाबला


उत्तर बस्तर कांकेर. लॉक डाउन की स्थिति में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ संजय कन्नौजे के मार्गदर्शन में स्व-सहायता समूह द्वारा निर्मित उत्पादों को जरूरतमंदो को आपूर्ति की जा रही है।
कांकेर तहसील के ग्राम पोटगांव में बिहान की 11 स्व-सहायता समूह के 110 महिलाओं के द्वारा मशरूम उत्पादन किया जा रहा है, जिसे बेचने से प्रत्येक समूह को ढाई से तीन हजार रूपये की आमदनी हो रही है। सीईओ डॉ संजय कन्नौजे गत दिवस पोटगांव के कर्मा स्व-सहायता समूह के द्वारा मशरूम उत्पादन का अवलोकन किया गया तथा स्व-सहायता समूह के महिलाओं का उत्साहवर्धन कर मशरूम का मार्केटिंग के लिए जनपद सीईओ व बी.पी.एम. बिहान को निर्देश दिये।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे ने बताया कि लॉकडाउन के समय जिले में 72 समूहों की 490 महिलाओं द्वारा 31 हजार मास्क निर्माण किया गया है। समूह के द्वारा साबुन का भी निर्माण किया जा रहा है, जिसे समूह के द्वारा ग्राम पंचायत में मनरेगा के अंतर्गत काम करने वाले मजदूरों तथा अन्य सरकारी विभागों व खुले बाजार में बेचा जा रहा है। स्व-सहायता समूह की महिलायें ‘‘बैंक सखी’’ के रूप में भी कार्य कर ग्राम पंचायत में बैंकिग सुविधा प्रदान कर रहीं हैं। सीईओ डॉ कन्नौजे ने ग्राम पंचायत कोदागांव मे ‘‘दिव्या सेन’’ द्वारा संचालित बैंक सखी केन्द्र का निरीक्षण किया। कोरोना के कारण जहां पूरे शहरो व गांवो में लॉक डाउन होने से लोगों के बाहर निकलने मे मनाही है, वहीं बैंक सखी दिव्या सेन द्वारा कोदागांव की वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मनरेगा के मजदूरी भुगतान सहित प्रतिदिन 15 से 20 हजार रूपये का लेन-देन किया जा रहा है। इससे गांव वालो व पेंशन धारियों को बहुत राहत मिल रहा है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे ने बताया कि सभी जनपद जनपद सीईओ को पत्र लिखकर निर्देशित किया गया है कि ग्राम पंचायतो द्वारा 14वे वित्त आयोग की राशि से महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित साबुन, मास्क एवं सेनेटाईजर को प्राथमिकता से खरीदा जावे ताकि स्व-सहायता समूह द्वारा निर्मित उत्पादो को ग्राम पंचायत स्तर पर ही मार्केट उपलब्ध हो सके।

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