विक्रम शाह@कुम्हारी। आई.सी.एफ.ए.आई. विश्वविद्यालय के तत्वावधान में शनिवार को एक दिवसीय नई शिक्षा नीति शिक्षक सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्कूलों के प्राचार्यगण एवं शिक्षकगण उपस्थित हुए। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दुर्ग विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अरूणा पल्टा थीं। अतिथि के स्वागत पश्चात् विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सत्यप्रकाश दुबे ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि शिक्षा हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग है। एक मानव को इंसान बनाने में सबसे अधिक योगदान शिक्षा का है, एक विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास शिक्षा के माध्यम से ही होता है, शिक्षा के द्वारा शिक्षक विद्यार्थियों का भविष्य सुंदर एवं सुव्यवस्थित बनाते हैं जीवन में उच्च लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शिक्षा अत्यंत उपयोगी है। शिक्षा का उद्देश्य एक खाली दिमाग को खुले दिमाग में बदलना है। आज का यह दिन आप शिक्षकों के सम्मान का है। आपके अथक परिश्रम से हजारों, लाखों विद्यार्थियों का भविष्य निर्मित होता है।
मुख्य अतिथि डॉ. अरूणा पल्टा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा वह है जो हमें बंधनों से मुक्त करती है, बेहतर शिक्षा सभी के जीवन में आगे बढ़ने और सफलता प्राप्त करने के लिए जरूरी है, यह जहां हमारा आत्मविश्वास बढ़ाती है। तो वहीं व्यक्तित्व निर्माण में भी सहायक होती है, विशेष तौर पर स्कूली शिक्षा का हम सभी के जीवन में विशेष महत्व है। पूरा शिक्षा तंत्र प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा जैसे 3 भागों में बांटा गया है। और शिक्षा के ये सभी स्तर विशेष स्थान रखते हैं जीवन की ये प्रारंभिक शिक्षा भविष्य की कठिन चुनौतियों का सामना करने में हमे सक्षम बनाते हैं तथा जीवन को सुसंस्कृत करती हैं।
डॉ. अरूणा पल्टा ने नई शिक्षा नीति को लेकर अपने व्याख्यान में कहा की – यह एक परिवर्तनशील एवं वैश्विक महत्व के लिए निर्धारित की गई है, जिसके द्वारा देश का शिक्षा स्तर मजबूत किया जा सके इसके अंतर्गत छात्रा आर्थिक सहायता, शोध संगठन, नई शिक्षा नीति के लाभ आदि शामिल है इसके अंतर्गत देश की सभी प्राचीन भाषाओं को पढ़ने का विकल्प भी शामिल है, पढ़ाई के साथ-साथ प्रशिक्षण पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा। निश्चित ही यह विद्यार्थियों एवं शिक्षको के लिए लाभकारी होगा।
उपस्थित शिक्षकों के सम्मान में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत मे विश्वविद्यालय के
कुलसचिव डॉ. रवि किरण ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में ज्ञान और शिक्षा का संचार करते हैं आज के इस आयोजन की सफलता के लिए मुख्य अतिथि डॉ. अरूणा पल्टा को धन्यवाद, आप ने अपना अमूल्य सहयोग दिया। साथ ही सभी अध्यापकगणों को विश्वविद्यालय परिवार की ओर से आभार व्यक्त करता है।
कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों से पधारे व्याख्याता, प्राचार्य एवं शिक्षको ने भी आयोजन के संबंध में अपने अनुभव बांटे एवं विश्वविद्यालय के इस आयोजन की भूरी भूरी प्रशंशा की ।
आई.सी.एफ.ए.आई. विश्वविद्यालय में एक दिवसीय नई शिक्षा नीति शिक्षक सम्मेलन कार्यशाला संम्पन्न
