दुर्ग.दुर्ग जिला के 11 मजदूर गुजरात के बोलगव क्षेत्र में मजदूरी करने गए है। कोरोना वायरस के चलते देशभर में लॉक डाउन हो जाने से इन मजदूरों के काम बंद हो गए और कुछ दिन बाद राशन एवं खाने पीने की समस्या होने लगी। जिसके बाद इन्होंने दुर्ग जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक साहू से फोन के माध्यम से सहयोग के लिए सम्पर्क किया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक साहू ने जानकारी मिलते ही त्वरित संज्ञान लेते हुए दुर्ग कलेक्टर को पत्र लिखा और फोन के माध्यम से वस्तुस्थिति से अवगत कराया।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक साहू ने पत्र में लिखा कि दुर्ग जिला के बहुत से नागरिक अपने जीवनयापन करने के लिए गुजरात गए है। कोरोना वायरस के चलते पूरा देश लॉकडाउन होने के कारण लोग वही फंसे हुए है। गुजरात में फंसे पीड़ित मजदूर रोज कमाने और खाने वाले है। लॉक डाउन के चलते काम बंद हो जाने के कारण पीड़ित व्यक्तियों को खाद्य सामग्री की समस्या हो रही है और पीड़ित व्यक्तियों की सहायता के लिए ठेकेदार ने भी हाथ खड़ा कर दिया है। अतः महोदय जी आपसे सादर निवेदन है कि आप पीड़ित मजदूरों के लिए गुजरात में ही राहत सामग्री की व्यवस्था करने की कृपा करें। दुर्ग कलेक्टर को जानकारी मिलते ही तुरंत संज्ञान में लेते हुए संबंधित व्यक्तियों से बात कर सहयोग की गई। सहयोग करने के लिए जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक साहू ने दुर्ग जिला कलेक्टर अंकित आनंद को धन्यवाद भी ज्ञापित किया।
अशोक साहू ने कहा कि एक जनप्रतिनिधी होने के नाते जनता की सेवा करना मेरा कर्तव्य है। प्रदेश के मुखिया और हमारे मार्गदर्शक भूपेश बघेल के निर्देशों का हम सभी पालन कर रहे है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी दिन रात प्रदेश की सेवा में लगे हुए है और उसके कुशल नेतृत्व प्रबंधन से आज प्रदेश के कोरोना के 10 में से 9 मरीज ठीक हो गए है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लॉक डाउन की इस स्थिति में कोई भूखा न रहे इसके लिए दो माह का राशन नि:शुक्ल प्रदान कर रही है। प्रदेश के बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में भी पीछे न हो और समय का पूरा सदुपयोग कर सके इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पढ़ई तुंहर दुआर का शुभारंभ भी किया है।
