बालोद।आज हम आपको एक ऐसे किसान से रूबरू कराने जा रहे है जो की अधुनिकीकरण से अपने कृषि को दिए नए मोड़। यह कृषक बालोद जिला के गुण्डरदेही तहसील के ग्राम कुथरेल का रहने वाला संजय साहू है जो की कृषि कार्य करने में अपने आप को कमजोर समझ रहा था जिसके कारण उनका आर्थिक स्थिति कमजोर हो रहा था उनके ऊपर परिवार की पूरी जिम्मेदारी है वह स्वयं उनके दादा जी जिनका तबियत में उतार चढ़ाव होता रहता है और माता पिता के साथ एक बहन है जिसका तबियत बचपन से ही खराब रहता था इस प्रकार उनके घर मे कुल 5 सदस्य है, इस दौरान कोरोना वायरस के कारण पूरे विश्व मे महामारी के चलते लॉक डाउन चल रहा था, फिर उसी समय रिलाइंस फाऊंडेशन के जियो चैट 17.04.21 को उन्हें प्रोग्राम सपोर्टर द्वारा जानकारी मिली और उन्होंने तुरंत भाग लिया जिसमे उन्हें अपने समस्या बताई वह पहले से 5 डिसमिल में बैगन की खेती कर रहा था जिसमे उन्हें उत्पादन कम हो रहा था और कीट की अधिकता के कारण कृषि से निराश था जिसके लिए उसने प्रोग्राम मे भाग लेकर विशेषज्ञ से सवाल किया जिसका जवाब कृषि विज्ञान केन्द्र के विशेषज्ञ श्री पंकज निषाद जी बैगन में हो रहे किट के नियंत्रण के लिए मोनोटॉकसी को छिड़कने की सलाह दिए ,साथ ही मिट्टी की परीक्षण की सलाह लिए जिससे खेत में जिस पोषक तत्व कमी की जानकारी हो साथ ही उनके सलाह से खुश होकर उन्होंने 50 डिसमिल में उन्होंने बैगन की खेती और साथ ही साथ वह रिलायंस फाउन्डेशन के टोल फ्री नंबर 18004198800 पर कॉल कर निरंतर जानकारी लिए जिसे उन्होंने 12 टन की उपज लिए जिसे थोक भाव में 7 रुपया प्रति किलो के हिसाब से बेचा जो की 84,000 का हुआ जिसमे से उसने कृषि कार्य मे सम्पूर्ण रूप से 46000 लागत आ गई जिसमे शुद्ध रूप में 38,000 रुपए प्राप्त हुए
उस पैसे का उपयोग अपनी बहन के इलाज के लिए जोड़ना शुरु किया तत्पश्चात उनका इलाज कराया और रिलायंस फाउन्डेशन और कृषि विभाग को धन्यवाद देते हुए भविष्य में इस प्रकार जानकारी से जुड़ा रहुगा बोला
रिलायंस फाऊंडेशन की तकनीक बना किसानों का सहारा
