देवरीबंगला / स्थानीय पोस्ट ऑफिस के पास संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ मै सोमवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। भगवान का जन्म होते ही भक्त जमकर झूम उठे। प्रवचनकर्ता संजारी के संत पं. डामनलाल तिवारी ने कहा कि मनुष्य के जीवन में अच्छे एवं बुरे दिन प्रभु की कृपा से ही आते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय जेल के ताले टूट गए, सभी पहरेदार सो गए। वासुदेव और देवकी बंधन मुक्त हो गए। प्रभु की कृपा से कुछ भी असंभव नहीं है।
कृपाल नहीं होने से सुखों से हो जाते हैं वंचित :- पीपल नहीं होने पर प्रभु मनुष्य को सभी सुखों से वंचित कर देते हैं भगवान का जन्म होने पर उन्हें वासुदेव ने भरी यमुना को पार कर गोकुल पहुंचा दिया। वहां से माता यशोदा के घर पैदा हुई शक्ति रूपा बेटी को लेकर वापस मथुरा चले आए। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की गीत पर श्रद्धालु जमकर झूमे। उन्होंने कहा कि कंस ने वासुदेव के हादसे शक्ति रुपी कन्या कोच छीन कर जमीन पर पटक ना चाहा तो वह कन्या राजा कंस के हाथ से छुट कर आसमान में चली गई। शक्ति रूप में प्रकट होकर आकाशवाणी करने लगी कि कंस तेरा वध करने वाला पैदा हो चुका है। भयभीत कंस खिजता हुआ अपने महल की ओर चला गया। पंडित तिवारी ने श्री राम कथा श्री कृष्ण लीला की कथा सुनाई। श्रीमद् भागवत कथा के प्रमुख यजमान पोखन लाल साहू एवं सरिता साहू है।
धर्म :- पोस्ट ऑफिस के पास देवरीबंगला में चल रही है संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा भागवत कथा में कृष्ण जन्मोत्सव पर थिरके श्रद्धालु
