पुनेंद्र सिन्हा….जामगांव-आर
पाटन। ब्लाक के दक्षिण पाटन क्षेत्र में मुरम खनन का अवैध कारोबार जमकर फल-फूल रहा है। अवैध मुरुम को सरकारी निर्माण कार्यों में खपाया जा रहा है। इसकी जानकारी विभागीय अफसरों को होने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। सड़क निर्माण कार्य में ठेकेदार मुरूम का बेजा दोहन कर रहे हैं। छोटे-छोटे किसानों को पैसे का लालच देकर उनकी जमीन को समतल करने के बहाने मुरूम निकाल रहे हैं। जिसकी ना कोई परमिशन है ना कोई रायल्टी दी जा रही है। खनिज विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय हाथ में हाथ धरे बैठे हुए हैं। क्षेत्र में ऐसे कई गांव हैं, जहां सुबह चार बजे से मुरूम खनन शुरू हो जाता है जो देर रात तक चलते रहता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के ग्राम बोरवाय, नवागांव,भन्सुली ,टेमरी ,सुरपा में दिन दहाड़े मुरम की अवैध खुदाई हो रही। जिससे शासन को लाखों रुपये रॉयल्टी का नुकशान हो रहा है।

अधिकतर ग्रामों में सड़क निर्माण का कार्य जारी है। इस मार्ग में अवैध रूप से मुरूम खापाया जा रहा है। खनिज माफियाओं द्वारा खेतों को बेतरतीब ढंग से खोदकर बर्बाद किया जा रहा है। पंचायतों की सांठगांठ के चलते भी बिना खनिज विभाग की अनुमति लिए धड़ल्ले से मुरूम निकाला जा रहा है। गांवों में जेसीबी और हाइवा से मुरम का अवैध उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा है।

खेतों में 5 से 6 फीट तक गहरा गढ्ढा बन चुका है। जिससे कभी भी अनहोनी घटना घट सकती है। पंचायत प्रतिनिधि और सड़क ठेकेदारों की संलिप्तता के साथ संबंधित विभाग के अधिकारियों की निष्क्रियता के परिणाम स्वरूप खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। बड़े पैमाने पर अवैध खनन का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खनन माफियाओं द्वारा मुरुम खनन कर परिवहन के लिये नहर पार में हाइवा चलाये जाने के से नहर पार को क्षति हो रही है।
अवैध मुरुम खनन के संबंध में जिला खनिज अधिकारी से उनके मोबाइल में संपर्क करने पर टीम भेज कर कार्यवाही करने की बात कही गई।
