- तत्कालीन सीएमएचओ की मिलीभगत से हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा, आरटीआई से प्राप्त दस्तावेज से हुआ खुलासा
परमेश्वर कुमार साहू,गरियाबंद
स्वास्थ विभाग अपने कारनामों को लेकर हमेशा चर्चा में रहता है।गरियाबंद जिले में शिक्षाकर्मी भर्ती में एक बड़े फर्जीवाड़ा के बाद स्वास्थ विभाग में भी जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत,मेहरबानी और मास्टरमाइंड नीति से विभिन्न पदो मे भर्ती में एक बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है।जिसमे एक बहुउद्देशीय महिला स्वास्थ कार्यकर्ता की फर्जी नियुक्ति का आज हम खुलासा करने जा रहे है।जिसका क्षेत्र के आमजन को बेसब्री से इंतजार था।
मामला गरियाबंद जिला के छुरा ब्लॉक के ग्राम कुकदा उपस्वास्थ केंद्र में पदस्थ बहुद्देशीय महिला स्वास्थ कार्यकर्ता खुशबू रानी ध्रुव की है। जो एक लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी कर रही है।जिसकी नियुक्ति 11 साल पहले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय रायपुर से हुई थी।जिसकी नियुक्ति में तत्कालीन अधिकारी ने अभ्यर्थीयो के साथ मिलिभगत कर जमकर अनियमितता बरती है। खुशबू रानी ध्रुव की स्वास्थ विभाग में नियुक्ति में सारे नियमो को ताक में रखकर भारी गड़बड़झाला करते हुए फर्जी तरीके से किया गया और सारे नियम कायदा,कानून को दरकिनार कर भर्ती प्रक्रिया की नियमो की खुलेआम धज्जी उड़ाया गया है।जिसका खुलासा सूचना के अधिकार से प्राप्त दस्तावेजों से हुआ।इन्होंने नौकरी पाने की चाह में सारे नियमो को दरकिनार कर सरगनाओं वाला काम कर दिया।इसके बावजूद भी इनके हौसले इतने बुलंद है और इसे किस चीज का इतना अहम है की समझ से परे है।
भर्ती प्रक्रिया में किस तरह किया गया है गड़बड़ी और कौन है लापरवाह अधिकारी आइए जानते है
आपको बता दे की लगभग 11 साल पूर्व बहुद्देशीय महिला एवं पुरुष स्वास्थ कार्यकर्ता की एक बड़े पैमाने पर नियुक्ति हेतु कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर के द्वारा विज्ञापन जारी हुआ था।जिसमे गरियाबंद जिले के विभिन्न उपस्वास्थ केंद्रों के रिक्त पदों पर भी भर्ती होना था।जिसमे तत्कालीन अधिकारियों द्वारा एक मोटी राशि लेकर नियम विरूद्ध आपत्र अभ्यर्थियों की भर्ती कर दिया।जिसमे जिले के पाण्डुका क्षेत्र के उपस्वास्थ केंद्र कुकदा में भी अपात्र अभ्यर्थी खुसबू रानी ध्रुव की नियुक्ति नियमो के विपरित कर दिया।खुशुबू रानी ध्रुव द्वारा अपने आवेदन में न तो पूर्ण जानकारी दिया था और न ही पूर्ण रूप से दस्तावेज संलग्न किया था।इतना ही नहीं आवेदन के समय उसका छत्तीसगढ़ नर्सिंग काउंसिलिंग में जीवित पंजीयन भी नही था।जिसका पंजीयन काउंसिलिंग के लिए निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के 3 बाद हुआ था।जिसे खुशबू रानी ध्रुव द्वारा काउंसिलिंग का निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के 3 दिन बाद संलग्न करने लिखित में आवेदन दिए थे।वही आवेदन के समय इन्होंने अपना एएनएम द्वितीय वर्ष का मार्कशीट भी आवेदन में जमा नही किया था।जिसे आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त होने के 90 दिन बाद जमा किया है। जिसके लिए आवेदन में संलग्न करने 3 माह बाद लिखित आवेदन प्रस्तुत किए है।
हमारे सूत्र बताते है की जिस समय उक्त पदो की भर्ती हेतु विज्ञापन जारी हुआ था उस समय खुशबू रानी ध्रुव की एएनएम की पढ़ाई पूरी नही हुई थी।जो उसके मार्कशीट की जारी तिथि स्पष्ट रूप से बता रहा है।कुल मिलाकर नियम विरूद्ध सारे नियमो को ताक में रखकर इनकी नियुक्ति पाण्डुका क्षेत्र के उपस्वास्थ केंद्र कूकदा में कर दिया गया।जो बेरोजगारों के मुंह में तमाचा मारने जैसा है।जिसकी पूरी सच्चाई और लापरवाहो की पूरी पोल सूचना के अधिकार से प्राप्त दस्तावेज ने खोल दिया। वही इस समय हुए बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया में जमकर धांधली किया गया है और एक बहुत बड़े फर्जीवाड़ा होने की बू आ रही है ।इसी मामले पर सैकड़ों और कई ऐसे मामले आपके सामने जल्द लायेंगे।क्योंकि उस समय हुए भर्ती से संबंधित सभी दस्तावेज सूचना के अधिकार से मांगी जा रही है।जो पूरे राज्य में स्वास्थ विभाग की सबसे बड़ी फर्जीवाड़ा का पूरा पोल खोलेगा।
क्या थी भर्ती प्रक्रिया का नियम
आपको पुनः बता दे की 11 साल पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर द्वारा बहुद्देशीय महिला एवं पुरुष स्वास्थ कार्यकर्ता की 500 से अधिक पदो पर नियुक्ति हेतु आवेदन मांगा था।जिसमे महिला पदो पर पुराने पद्धति से हायर सेकेंडरी परीक्षा उत्तीर्ण या 10+2 पद्धति में 10वी उत्तीर्ण ,शासन द्वारा मान्यता प्राप्त संस्था से महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रशिक्षण केंद्र से 18 माह का प्रशिक्षण उत्तीर्ण होना चाहिए, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता का छत्तीसगढ़ नर्सिंग काउंसलिंग में जीवित पंजीयन होना चाहिए, वर्तमान रायपुर जिले के रोजगार कार्यालय में विज्ञापन जारी होने के पूर्व का जीवित पंजीयन होना चाहिए तथा आवेदन के साथ समस्त प्रमाण पत्रों की सत्यापित छायाप्रति संलग्न करने के साथ साथ अस्पष्ट व त्रुटिपूर्ण आवेदन स्वीकार नहीं किए जाने संबंधी स्पष्ट निर्देश जारी विज्ञापन में उल्लेख किया गया था।बावजूद जानबूझकर नियम को जानते हुए भी नियम विरुद्ध पैसे के दम पर आधे अधूरे आवेदन किया गया और तगड़ा सांठ गांठ कर आज भी अपात्र लोग बेखौफ स्वास्थ विभाग में नौकरी कर रहे है।इसी तरह कई और ऐसे महिला एवं पुरुष स्वास्थ संयोजक है जो आज भी बेखौफ नौकरी कर रहे है जिसका जल्द ही खुलासा करते हुए उच्च विभाग को शिकायत किया जाएगा और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही व बर्खास्त की मांग की जाएगी।
इस मामले को लेकर महिला स्वास्थ कार्यकर्ता खुशबू रानी ध्रुव से पूछा गया तो उन्होंने क्या कहा ,देखे एक नजर…
मेरी नियुक्ती हुई है ,मुझे नही पता।हम लोगो का एसटी कोटा से हुआ है ।उस समय सबका तो ऐसा ही हुआ है, जिस समय आवेदन किए थे।लेकिन काउंसिलिंग के समय आ गया था। जिस समय हम लोग का एक साथ हुआ।वैसे सभी लोगो के साथ हुआ है।कैसे पंजीयन नही हुआ है बोल रहे हो आप।ठीक है दस्तावेज दिखा दूंगी ,नियुक्ति कैसे हुआ है।मेरे पास तो है।जब गई थी तो सब चीज लेकर गई थी।मेरे को उतना नहीं पता है मेरे फादर वही सब करवाया है ।उस समय मेरे को उतना नालेज नही थी।सब चीज पापा करवाए है।मै देखूंगी क्या क्या है ठीक है न, पता करके बताती हु।मै गलत नही हू और न ही गलत तरीके से नौकरी कर रही हु।
