मैनपुर क्षेत्र पिछडी जनजाति कमार आदिवासियों के पलायन पर भडके पूर्व विधायक ओंकार शाह कहा कि धरातल पर नही हो रहा है विकास कार्य जिसके कारण ग्रामीण पलायन करने मजबूर

✍🏻 रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद

मैनपुर – एक तरफ छत्तीसगढ के भुपेश बघेल सरकार द्वारा दर्जनों योजनाए संचालित कर इन योजनाआें का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगो को दिलाने के लिए प्रयास किया जा रहा है, साथ ही दावे भी किया जा रहा है, लेकिन गरियाबंद जिले के आदिवासी वनांचल क्षेत्रो में जमीनी स्तर पर क्या उन योजनाआें का लाभ मिल रहा है, जिनके लिए योजनाए संचालित किया जा रहा है, क्या उन लोगो तक योजनाए पहुच रही है, इसकी जमीनी हकीकत कुछ और है, जिसके कारण आज मैनपुर विकासखण्ड क्षेत्र के ग्राम पंचायत इदागांव के आश्रित ग्राम अमली से बडी संख्या में ग्रामीण जन पलायन कर आंध प्रदेश पहुच गए, और इसकी भनक भी स्थानीय अधिकारियों को नही लगी, यह गंभीर मामला है, उक्त बाते बिन्द्रानवागढ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक कुमार ओंकार शाह ने प्रेस वार्तालाप पर news24 carate com संवाददाता व पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि सन् 1985 मे देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी के कुल्हाडीघाट आगमन के बाद विशेष पिछडी कमार जनजाति के विकास के लिए एक अलग से कमार परियोजना का गठन किया गया , और बकायदा इसके लिए गरियाबंद जिला मुख्यालय में कार्यालय भी स्थापित किया गया है, दर्जनों कमार जनजाति के विकास के लिए योजनाए संचालित किया जा रहा है, करोंड़ों रूपये कागजों पर खर्च किया जा रहा है, और पुरे गरियाबंद जिले मे निवास करने वाले विशेष पिछडी जनजाति कमार जनों को क्या कमार परियोजना का लाभ मिल रहा है, यदि इन जनजाति के लोगो तक वास्तव में कमार परियोजना का लाभ मिलता तो आज बडी संख्या में कमार जनजाति के लोगो को अन्य प्रदेश जैसे, आंध्रा, तेलंगाना, हैदराबाद काम की तलाश में पलायन नही करना पडता, और डेढ माह पहले ही बडी संख्या में ग्रामीण पलायन कर गये और इसकी जानकारी स्थानीय अफसरों, जिला अफसरों को मिडिया के माध्यम से पता चलता है, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिम्मेदार अफसर कितना इस पिछडे कमार जनजाति के विकास के लिए संवेदनशील है, श्री शाह ने कहा कि मैनपुर देवभोग क्षेत्र में पिछले दो माह से पलायन की जानकारी मिडिया के माध्यम से सामने आ रही है, एक तरफ प्रशासनीक अधिकारी सिर्फ यहा दावा कर रहे है, कि ग्रामीणाें के पास रोजगार के बहुत अवसर है, और गांव गांव मनरेगा के तहत सडक, डबरी, का निर्माण किया जा रहा है, यह सब बाते अपने आप को सुरक्षित करने के लिए किया जा रहा है, वास्तव में वनांचल बीहड ग्रामो में सरकार की योजनाआें का कितना लाभ मिल रहा है, और क्या कमार परियोजना योजना का लाभ मिल रहा है, इसे देखने वाला कोई नही है, श्री शाह ने कहा जिम्मेदार कमार परियोजना के अफसरों पर तत्काल कार्यवाही हो, क्योंकि अति पिछडी जनजाति कमार आदिवासी पलायन करने मजबूर हो रहे है, साथ ही सरकार की योजनाआें को उन तक पहुंचाने का प्रयास हो उन्होने कहा कि फिर एक बार जांच के नाम पर एक दुसरे पर आरोप मडने से कुछ नही होने वाला है, बल्कि जमीनी स्तर पर सरकार की योजनाआें का लाभ मिले जिसका वास्तविक यहा के ग्रामीण हकदार है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *