100 साल बाद मिले श्री सम्या मंडल भीमा व जगतवंशी सूरजमति देवी के विवाह में शामिल हुए 15000 ग्रामीण

✍🏻 रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद

देवभोग। ब्लाक के घोघर गांव में अंतत: 100 साल बाद कृषि और वर्षा के देवी -देवता श्री सम्या मंडल भीमा व जगतवंशी सूरजमति देवी का मिलन हो गया। इसे बेहद शुभ मानते हुए ग्रामीणों ने आपस में करीब लाखो रूपए एकत्र किया और 6 महिनों तक बाली जगार मनाते हुए सोमवार को बड़ी आत्मीयता के साथ श्री सम्या मंडल भीमा व जगतवंशी सूरजमति देवी का विवाहोत्सव मनाया। इस मौके पर आसपास के करीब 30 से ज्यादा गांवों के 15 हजार से ज्यादा ग्रामीण इसके साक्षी बने।

कौन हैं श्री सम्या मंडल भीमा व जगतवंशी सूरजमति देवी

घोघर में कृषि और वर्षा के देव को ग्रामीण श्री सम्या मंडल भीमा व जगतवंशी सूरजमति देवी कहते हैं और इसके लिए समयानुसार 6 महिनों तक बाली जगार मनाया जाता है। जिस तरह महादेव का प्रतीक शिवलिंग है। ठीक उसी प्रकार तरह श्री सम्या मंडल भीमा व जगतवंशी सूरजमति देवी के प्रतीक के रूप में साल लकड़ी से निर्मित लिंग आकर की दो प्रतिमाएं डेढ़ फीट की दूरी में स्थापित की जाती हैं।

इनकी कुल लंबाई पांच फीट के आसपास होती है। बारिश नहीं होने पर ग्रामीण इसमें गोबर थोप देते हैं और अपनत्व के साथ आग्रह करते हैं कि कम से कम अपने को साफ करने बारिश करें।

बताते हैं कि यहां श्री सम्या मंडल भीमा व जगतवंशी सूरजमति देवी का मिलन पूरे 100 साल बाद हुआ है, इसलिए ग्रामीणों ने महासभा कर यहां भव्य बाली जगार आयोजित करने का निर्णय लिया गया था।
इधर सोमवार को आसपास के करीब 20 गांवों के देवी -देवता और ग्रामीणों की उपस्थिति में श्री सम्या मंडल भीमा व जगतवंशी सूरजमति देवी का विवाह रचाया गया। इस मौके पर बस्ती में तीन दिवसीय मेला भी आयोजित किया गया है। मनौती रखने वाले भक्तों ने देवों को करीब 100 से उपर बकरों की भेंट भी दी है।

प्रतिमाओं का मिलना शुभ
बताते हैं कि साल लकड़ी से निर्मित श्री सम्या मंडल भीमा व जगतवंशी सूरजमति देवी की प्रतिमाएं कालांतर में झुक कर आपस में मिल जाती हैं। इसे ग्रामीण देवी और देवता का बेहद शुभ मिलन मानते हैं और उत्सव मनाते हैं।

वैसे ही जब श्री सम्या मंडल भीमा व जगतवंशी सूरजमति देवी की काष्ठ प्रतिमाएं जब आपस में मिल जाती हैं तब ग्रामीण हर्ष और उल्लास के साथ बाली जगार मनाते हुए नई प्रतिमाएं स्थापित करते हैं और इन देवों का विावाह रचाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *