जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं परामर्शदात्री समिति की बैठक लंबित प्रकरण मार्च अंत तक स्वीकृत कर वितरण सुनिश्चित करें – कलेक्टर राजिम माघी पुन्नी मेला में लगेगा वित्तीय साक्षरता जागरूकता शिविर

लोकेश्वर सिन्हा

गरियाबंद –/बैंकों के कामकाज से संबंधित 33वां जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं परामर्शदात्री समिति की बैठक में कलेक्टर नम्रता गांधी ने सभी बैंकर्स से कहा है कि वे शासकीय योजनाओं के तहत बैंकों में भेजे गये प्रकरणों को प्राथमिकता से एवं समय-सीमा में स्वीकृत तथा स्वीकृत प्रकरणों का वितरण भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बैंकों में लंबित प्रकरण मार्च अंत तक स्वीकृत कर वितरण किया जाये। बैठक में जिला पंचायत सीईओ रोक्तिमा यादव, भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि एम.व्ही पेढारकर, अग्रणी बैंक अधिकारी राजीव रंजन एवं जिले के बैंकर्स व संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने बैंकर्स को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप तय समय-सीमा में प्रकरण स्वीकृत करने के निर्देश दिये। छोटे एवं समूहों के लोन प्रकरणों को शीघ्रता से स्वीकृत करते हुए उन्हें लोन उपलब्ध करायें। बैठक के प्रारंभ में पिछली बैठक में दिये गये निर्देशों के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा की गई। समिति की 33वीं तिमाही बैठक में जिले में बैंकिंग एवं विकास के आधारभूत आंकड़ों की प्रस्तुतिकरण करते हुए उनकी विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में बैंकों के कामकाज का सही विशलेषण के लिए सही आंकड़े प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने शासकीय प्रायोजित योजना अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए जिला अंत्योदय स्वरोजगार एवं आदिवासी स्वरोजगार योजना, ग्रामोद्योग, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, डेयरी, मत्स्य पालन से संबंधित प्रकरणों का शीघ्रता से ऋण स्वीकृत करने के लिए बैंकर्स को अतिरिक्त पहल करने के निर्देश दिये। साथ ही कहा कि वित्तीय जागरूकता शिविर के तहत हर बैंक शाखा माह में कम से कम एक शिविर का आयोजन करें। उन्होंने राजिम माघी पुन्नी मेला में एक दिन वित्तीय साक्षरता जागरूकता शिविर लगाने के निर्देश दिये। शिविर में आकर्षक मनोरंजक तरीके से बैंकिंग योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिये है। प्रधानमंत्री जनधन खातों में लेनदेन बढ़ाने तथा बीमा का नियमित भुगतान करने भी कहा गया है। सभी विभागों को कहा गया है कि वे लक्ष्य के अनुरूप प्रकरण बैंकों को प्रेषित करें। प्राप्त बैंक प्रकरणों को समय पर स्वीकृति प्रदान करें और प्रकरण निरस्त होने पर कारण सहित जानकारी हितग्राहियों को देना सुनिश्चित करें। बैठक में अनुपस्थित रहे बैंकर्स और अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की गई। साथ ही बैंकर्स को प्रत्येक माह विकासखंड स्तरीय बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित करने कहा गया है।

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