परमेश्वर कुमार साहू,गरियाबंद
गरियाबंद जिले के ग्राम बोइरगांव निवासी जीवन दास मानिकपुरी उम्र 27 वर्ष की सड़क हादसे में गम्भीर चोट लगने से विगत 3 साल से चारपाई में लेट कर अपनी जीवन व्यतीत कर रहा है।सरकारी व प्रायवेट अस्पतालों में इलाज कर एक मोटी रकम खत्म करने के बाद भी चिकित्सा विशेषग्यों ने लाइलाज बीमारी होने को लेकर नवजवान युवक को उसके हालात में छोड़ दिया गया है।रोजी मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले परिवार के सामने मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है।जवान बेटे के इलाज में माता पिता कर्ज में डूब चुके है।बावजूद शासन प्रसाशन के जिम्मेदारों ने आज घटना के 3 साल बाद भी किसी ने सुध ली और न ही किसी प्रकार से शासन की योजना का लाभ मिला।जवान बेटे के रीड़ की हड्डी में चोट लगने के कारण कमर के निचला हिस्सा काम नही करने से परिजनों ने शासन प्रशासन से ट्रायसिकल की मांग को लेकर लिखित में आवेदन दिए थे।बावजूद आज तक उन्हें योजना का लाभ नही मिला।आखिर कार थक हार परिजनों ने खुद ट्रायसिकल खरीदी वह भी अब जवाब देने लगा है।परिजनों ने रो रो कर अपनी व्यथा बयान करते कहा कि हम गरीब लोगों का कोई सुनने वाला नही है।भगवान इतना तकलीफ देने से अच्छा तो मेरे बेटे को ही ले लेते तो शायद ये दिन नही देखने पड़ते।
आपको बता दे की 17 फरवरी 2019 को जीवन दास मानिकपुरी अपने घरेलू काम निपटा कर छुरा कंसिघि से आ रहे थे उक्त दरमियान देर शाम सेमहरा के पास अज्ञात वाहन के द्वारा अपने चपेट में लेने से मौके पर युवक की रीढ़ की हड्डी में काफी गम्भीर चोट लगने से टूट गई ।घटना दिनाक से आज तक युवक के इलाज में मोटी रकम खर्च करने के बाद भी हालात नही सुधर पाई है।रीड़ की हड्डी में चोट लगने से कमर के निचले हिस्से का कोई भी शरीर काम नही करने से जीवन चल फिर नही सकता।जिसके चलते घर मे मा या फिर उनकी पिता नहाने से लेकर शौच तक उठाने का काम करते है।जीवन के शरीर मे कोई हलचल नही होने से परिजनों द्वारा उठाकर एयर बेग वाली बिस्तर में लिटाया जाता है।जो बिजली से चलती रहती है।जरा सी बिजली बंद हुई कि बिस्तर में एयर की कमी होने से शरीर मे इंफैक्शन होने लगता है।जवान बेटे के इलाज में जमा पूंजी व कर्ज लेकर इलाज करा थक हार कर परिवार बेबस व लाचार परिजनों ने शासन प्रशासन से मदद की गुहार लगाए है।
