परमेश्वर कुमार साहू,गरियाबंद
जिले के आदिवासी ब्लॉक छुरा के ग्राम पंचायत फुलझर में एक बार फिर अतिक्रमण इस कदर हावी है की अतिक्रमण ने सार्वजनिक हैंडपंप को भी नही छोड़ा।बता दे की 40 साल पूर्व खोदे गए ।इस हैंडपंप से ग्रामीणों को एक मात्र शुद्ध पेयजल की उपलब्धता होती थी। उस समय जंहा ग्राम सहित पड़ोस के ग्रामीण भी इस बोरिंग से पेयजल ले जाते थे। लगभग 40 साल पूर्व खोदे गए इस हैंडपंप ने लाखो लोगो की प्यास तो बुझाई पर ,आज इस हैंडपंप का अस्तित्व खतरे में नजर आ रहा है।आपको पुनः बता दे की एक समय था जब इस हैंडपंप के आसपास गालियां और लोगो के आवजाही के लिए पर्याप्त जगह थी ,पर गांव के ही बरसन साहू द्वारा अवैध कब्जा कर सार्वजनिक हैंडपंप के सामने मकान का निर्माण कर रहे है।जिससे सामान्य आवाजाही मार्ग तो बंद हो ही रहा है।साथ ही हैंडपंप का अस्तित्व भी खतरे में है।वजह अतिक्रमणकारी ने अब उस हैंडपंप के सामने अपना चौखट भी लगा दिया।ताकि भविष्य में वह कह सके की मुझे आने जाने में परेशानी होगी इसलिए इस बोरिंग को बंद किया जाए।हालंकि इस मामले में पंचायत भी गंभीर नजर नहीं आ रहे है साथ ही मोहल्लेवासी और ग्रामीण भी अपनी निष्क्रियता दिखा रहे है, पर वार्ड पंच ने इस जनहित मुद्दे को उठाया पर जिम्मेदार ग्राम प्रमुखों ने आंख बंद कर ली।जिसके वजह से अतिक्रमणकारी का हौसला बुलंद होता रहा और आज उसने सार्वजनिक हैंडपंप के सामने कब्जा कर अपने घर के लिए दरवाजा खोल दिया।अब देखना होगा की राजस्व विभाग अपनी जिम्मेदारी कितना बखूबी निभा पाते है क्योंकि बीते दिनों इस अतिक्रमण के खिलाफ ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय छुरा को लिखित शिकायत दे चुका है।बावजूद इसके जिम्मेदार हल्का पटवारी रेखा ध्रुव ने गंभीरता से नहीं लिया और पूछे जाने पर मामले को लेकर अनभिज्ञत्ता जाहिर की।जबकि इस मामले को लेकर नायब तहसीलदार कुसुम प्रधान छुरा से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि पटवारी और आरआई को व्हाटशॉप के माध्यम से जांच प्रतिवेदन के लिए जानकारी भेज चुकी हू अगर मौके पर नही पहुंचते है तो आप मुझे बताइएगे।
