हजारों हरे भरे पेड़ पौधों को काटकर खेत बनाने का कार्य है जोरो पर
परमेश्वर कुमार साहू,गरियाबंद
छुरा तहसील अंतर्गत ग्राम फुलझर में राजस्व जमीन में स्थित हरे भरे पेड़ पौधों की जमकर कटाई जारी है।अतिक्रमणकारियों द्वारा राजस्व विभाग के जमीन में स्थित जंगल के हरे भरे पेड़ पौधों को काटकर अवैध कब्जा कर खेत बना रहे है।खेत बनाने के लिए हजारों पेड़ पौधों की बलि चढ़ाई जा रही है।लेकिन विभाग को जानकारी देने के बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
बता दे की छुरा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत फुलझर के आश्रित कमारटोला खदराही में राजस्व की जमीन पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर हरे भरे हजारों पेड़ पौधों को नेस्तनाबूत कर दिया है और लगातार पेड़ो की कटाई जारी है। कमारटोला खदराही जंगल में स्थित है। जन्हा पर लगभग 20 एकड़ से अधिक राजस्व की सरकारी जमीन है जिसमे जंगल की तरह घने पेड़ पौधे है।जो रिजर्व फारेस्ट से लगा हुआ है।अब अतिक्रमणकारी राजस्व की जंगल में अवैध कब्जा करते हुए,बड़े झाड़ की जंगल की ओर बढ़ रहा है।आपको बता दे की यह जंगल प्रसिद्ध धार्मिक एव पर्यटन स्थल घटारानी धाम का जंगल है।जो अपनी प्राकृतिक सौंदर्य से लोगो को अपनी ओर आकर्षित करता है।तो वही जिस जगह पर अतिक्रमण हो रहा है वहा पर गोल्डनाला जलाशय स्थित है जिसके तटीय क्षेत्र में अतिक्रमण होने से जंगली जानवरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है क्योंकि जंगली जानवर बांध के इसी तटीय क्षेत्रों में पानी पीने के बाद थोड़ा विश्राम करते है।लेकिन लगातार अवैध कटाई से राजस्व में स्थित जंगल का उजाड़ हो रहा है।जो पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भविष्य में काफी नुकसानदायक साबित होगा।जिस तरह से लगातार पेड़ो की कटाई जारी है और जंगलों का उजाड़ हो रहा है।इससे आने वाले कुछ सालो में जंगल सिमट कर रह जायेंगे और केवल नाम मात्र का जंगल रह जाएगा।

जानकारी के बावजूद विभाग ने नही दिखाई कोई रुचि,अतिक्रमणकारियों के हौसले हो रहा है बुलंद
इस मामले को लेकर पहले भी छुरा तहसीलदार कुसुम प्रधान को मीडिया के द्वारा अवगत कराया जा चुका है।लेकिन अभी तक इस पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई।जिम्मेदार अधिकारी जानकर भी अनजान बैठे हुए है।अभी तक किसी भी प्रकार से कार्यवाही नहीं होने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद होते जा रहा है।जिसके चलते हरे भरे पेड़ों की कटाई अभी भी जारी है।नतीजन ग्राम पंचायत फुलझर में राजस्व जमीन लगातार सिमटते जा रहा है।इस मामले को लेकर छुरा तहसीलदार कुसुम प्रधान को उनका पक्ष जानने फोन किया गया।लेकिन उनका नंबर आउट ऑफ कवरेज आया।
