दुर्ग--- शिक्षक कला साहित्य अकादमी द्वारा शिक्षकों व छात्रों के लेखन सांस्कृतिक क्षमता को निखारने मंच प्रदान करने लगातार कार्यक्रम चलाया जा रहा है, तथा विशेष अवसरों पर कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को उचित मंच व सम्मान प्रदान किया जाता है।
अकादमी द्वारा गरीब व निराश्रित विद्यार्थियों के पढ़ाई के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान कर आगे बढ़ाने के लिए विद्यार्थी कल्याण कोष का गठन किया गया है।जिसके प्रभारी डॉ शिवनारायण देवांगन आस संस्थापक संयोजक, सह प्रभारी कौशलेंद्र पटेल प्रांत अध्यक्ष, जितेंद्र रत्नाकर प्रदेश महासचिव, व सदस्य बोधी राम साहू प्रदेश कोषाध्यक्ष, संजय मैथिल प्रदेश संयुक्त सचिव,महेत्तर लाल देवांगन प्रदेश संगठन मंत्री, सुश्री लक्ष्मी करियारे प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ, जिलाध्यक्ष जांजगीर विजय प्रधान व दुर्ग जिलाध्यक्ष चंद्रकांत साहू, जिला समन्वयक गोकुल जायसवाल बनाए गए हैं।
विद्यार्थी कल्याण कोष का उद्देश्य निराश्रित जरूरतमंद विद्यार्थियों तथा दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सहयोग प्रदान करना, प्रतिभावान विद्यार्थियों को मंच प्रदान करना ,प्रतियोगिता शिविर, रचनात्मक कार्य किया जाना है जिसमें पदाधिकारियों व सदस्यों द्वारा कल्याण कोष के लिए सहयोग राशि एकत्र कर खाता खोला गया है। जिससे जरूरतमंद विद्यार्थियों को सहयोग प्रदान किया जाता है।
ग्राम सन्देल सरगबुंदिया जिला कोरबा की छात्रा प्रियंका कश्यप की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है जो कॉलेज की फीस जमा कर पाने में असमर्थ हैं छात्रा के बारे में अकादमी को जानकारी होने पर उन्हें फीस की राशि 3000 सहायतार्थ प्रदान की गई।
इस दौरान अकादमी के प्रदेश संरक्षक सूरज श्रीवास, महासचिव जितेंद्र रत्नाकर, कोषाध्यक्ष बोधीराम साहू, जिला अध्यक्ष विजय प्रधान महिला प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सुश्री लक्ष्मी करियारे, जिलाध्यक्ष सक्ति डॉ राघवेंद्र राठौर, जांजगीर कोषाध्यक्ष रामविलास डाहरे, राजकिशोर धिरहि, संगठन मंत्री संतोष कुमार यादव, श्याम लाल कोसले, विद्यार्थी प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कुमारी नंदनी बघेल, महिला प्रकोष्ठ महासचिव श्रीमती मधु कारकेल, महिला प्रकोष्ठ जिला प्रवक्ता श्रीमती ज्योति सक्सेना, प्रचार सचिव श्रीमती ममता डहरिया, आनंदराम बघेल सहित पदाधिकारी उपस्थित रहे ।
इस पुनीत कार्य के लिए शिक्षक साथी, समाजसेवी जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह है कि विद्यार्थी कल्याण कोष में अनुदान सहयोग देकर पुण्य के भागी बने। जिसे निर्धन व निराश्रित विद्यार्थियों के सहयोग के लिए खर्च की जाती है।