गरियाबंद। जिले के मैनपुर विकासखंड से महज ही 18 किलोमीटर दूर घने जंगल के अंदर बसे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के गोद ग्राम कुल्हाड़ीघाट एवं उसके आश्रित ग्रामो में पिछले तीन दिनों में अचानक आये चक्रवाती तूफान ने जमकर तांडव मचाया। चक्रवाती तूफान इतना तेज था कि देखते ही देखते बड़े बड़े पेड़ व बिजली के खम्बे हवा में उड़ गये, वही तेज आंधी के साथ बड़े बड़े ओले गिरने से खपरैल मकान व सीमेंट के सीट वाले मकान टूट गए जिससे बहुत छती पहुची है। ओले गिरने से घर मे रखे समान जिसमे ख़ाद्य्य सामाग्री व कपड़े पूरी भीग गये है वही तेज चक्रवाती तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने से तीन चार मवेशी की मौत हो गई है।ग्राम के सरपंच व ग्रामीणो ने बताया कि इतना बड़ा चक्रवात उन्होंने अपने जीवन मे नही देखा था महज 20 मिनट चले इस तूफान ने जमकर कहर परपाया है।वही मामले की जानकारी मिलते ही आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जनक ध्रुव राजीव गांधी गोद ग्राम के लिये 5 किलोमीटर पैदल चल कर पहुंचे। आदिवासी प्रदेश अध्यक्ष जनक ध्रुव ने चक्रवाती तूफान से नुकसान का जायजा लेते हुए पूरे मामले की जानकारी गरियाबंद जिले के प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत व गरियाबंद कलेक्टर को दी साथ ही प्रभावित विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगो को तत्काल राहत सामाग्री पहुचाने का अनुरोध किया।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के गोद ग्राम में चक्रवात आंधी तूफान ने बरपाया जमकर कहर सैकड़ो पेड़, दर्जन भर बिजली के खम्बे हवा में उड़ गये आवाजाही हुई है बंद
