उतई।रीढ़ से संबंधित विभिन्न बीमारी जैसे- साईटिका, नसों का चिपकना, वातरोग(आर्थराईटिस), सर्वाइकल स्पांडिलाईसिस, लंबार स्पांडिलाईसिस, रेडीकुलोपैथी, झुनझुनापन, व फ्रोजन सोल्डर (कंधों में जकड़न व अच्छे तरह नही घूमना) घुटने का ना मुड़ना, दर्द व चलने में कठिनाई होना, एड़ी की हड्डी का बढ़ना – चलने में कठिनाई, लकवा (पेरालिसिस) व सभी जोड़ो में दर्द रहना, सूजन, आपरेशन के बाद जकड़न व अन्य तकलीफ इत्यादि का परीक्षण / सलाह, होलिस्टिक मेडीसीन पद्धति व मशीनों द्वारा चिकित्सा किया जाएगा।
शिविर में अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सक
डाँ.प्रेमलाल पटेल, (पूर्व चिकित्सक : फुकेत् – बैंकाक ( थाईलैंड ), दिल्ली, कलकत्ता) अपनी सेवाऐं देंगे।
डाँ.पटेल बताते हैं आजकल रीढ़ की समस्या बहुत ही आम होती जा रही है और इसका प्रमुख कारण है हमारी शारीरिक हलचल व ब्यायाम मे कमी, एक्सीडेंटल, आँफिस सिंड्रोम, असंतुलित दिनचर्या, फास्ट फूड व पैक्ड फुड का अनियंत्रित गति से प्रचलन जिसके फलस्वरूप आज हमारी हड्डियों, लिगामेंट, टेन्डन व मासपेशियों को सही पोषण व ताकत नही मिल पा रही है और हम हमेशा कमर, कंधा, घुटने व जोड़ो मे दर्द व जोड़ों में लिक्विड की कमी बताते रहते हैं। डाँ.पटेल ने यह भी कहा कि कभी भी शरीर में तकलीफ होने पर पंजीकृत योग्य चिकित्सक से मिलें ताकि बीमारी का सही निदान व उपचार हो सके एवं शरीर को समय में उचित चिकित्सा से ठीक कर सकें।
असुविधासे बचने के लिए पूर्व पंजीयन आवश्यक (सहयोग राशि ) = 100/-₹ मोब. 6265956083, 6267386770, 7222951911, 9144889872.
