दुर्ग। वर्तमान में केन्द्रीय अधिकारीयों एवं कर्मचारियों को 31% महंगाई भत्ता एवं सातवें वेतनमान अनुसार गृह भाड़ा भत्ता मिल रहा है। वहीं प्रदेश के शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी इस लाभ से वंचित हैं। प्रदेश के कर्मचारी को वर्तमान में 17% महंगाई भत्ता मिल रहा है। इस प्रकार केंद्रीय कर्मचारियों से 14% कम महंगाई भत्ता मिल रहा है। साथ ही गृह भाड़ा भत्ता भी पुराने दर से मिल रहा है। इन्हीं मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मौलिक अधिकार के तहत केंद्र के समान देय तिथि से 31% महंगाई भत्ते एवं गृह भाड़ा भत्ते की मांग हेतु 12 जनवरी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपने सभी संगठनों के प्रांताध्यक्ष एवं पदाधिकारियों से अनुरोध किया है। मौलिक अधिकार अभियान का समर्थन करते हुए प्रांताध्यक्ष शंकर वराठे, पदाधिकारी हर्षल मोहिते डॉ शैलेन्द्र सिंह पुष्पेंद्र कुमार वर्मा एवं सतीश कुमार ठाकुर ने बताया कि छत्तीसगढ़ इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक कॉलेज राजपत्रित अधिकारी संघ फेडरेशन का घटक दल है। अतः एसोसिएशन के सदस्यों का मौलिक अधिकार अभियान को पूर्ण सहयोग एवं समर्थन रहेगा। फेडरेशन के आह्वान पर प्रदेश के सभी तकनीकी कालेजों में कार्यरत सदस्य एवं पदाधिकारी 28 और 29 जनवरी को मौलिक अधिकार हनन के विरोध में काली पट्टी बांध कर कार्य करेंगे। तथा 28 जनवरी से 31 जनवरी 2022 तक *हमें चाहिए न्याय केंद्र के समान देय तिथि से 31% महंगाई भत्ता सातवें वेतनमान पर गृह भाड़ा भत्ता माननीय मुख्यमंत्री जी करें न्याय @bhupeshbaghel @ChhattisgarhCMO पर एक ट्वीट करेंगे।
महंगाई भत्ते एवं गृह भाड़ा भत्ते हेतु 12 जनवरी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कार्यक्रम को समर्थन- प्रांताध्यक्ष शंकर वराठे
