ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पाटन के मीडिया प्रभारी केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश में भाजपा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की लगातार बढ़ते जनाधार और विधानसभा चुनाव के करीब आने की आहट से चिरनिद्रा से जागकर अब विगत दिनों से काफी बौखलाई हुई है। पंद्रह साल तक रमन सरकार में शासन प्रशासन से लेकर सत्ता व संगठन तक गैर छत्तीसगढिया लोगों का बोलबाला रहा और स्थानीय लोग हाशिये पर पड़े रहे, लेकिन कांग्रेस की सरकार आते ही स्थित काफी बदल गई है।भूपेश बघेल ठेठ छत्तीसगढ़िया है और लगातार तीन साल से छत्तीसगढ़ियों के स्वाभिमान को जगाने में सफल रहे है। छत्तीसगढ़ के तीज त्योहार की संस्कृति को बचाने के साथ किसानों,मजदूरों और आदिवासियों के हित में अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए एक जननेता का पहचान बनाने में सफल रहे है।जबकि रमन सिंह को अपनी बाहरी चौकड़ी से घिरे रहने वाला छत्तीगढ़ियो से कटा हुआ सीएम माना जाता था।भाजपा को भी सवर्णो की पार्टी माना जाता है।जबकि भूपेश बघेल ग्रामीण वर्ग में रम जाने के साथ अपने सफल नेतृत्व से इस मान्यता को भी तोड़ने में सफल रहे है भाजपा कहती रही कि पिछड़ी जातियों के नेताओं में सरकार चलाने का माद्दा नही है। लेकिन भूपेश बघेल ने तीन साल से अधिक समय तक सफलता पूर्वक सरकार चलाकर यह साबित कर दिखाया कि छत्तीगड़िया और पिछड़ी जाति के लोग भी सफल नेतृत्व कर सकते है भूपेश बघेल की कार्यशैली से भाजपा मुद्दाविहीन हो गई हैं। भाजपा अपनी पार्टी में भूपेश बघेल जैसी सोच और क्षमता वान नेताओं की कमी से चिंतित है जिसके चलते भी पार्टी घबराई हुई है। और वह कांग्रेस के बेहतरीन काम का अनर्गल बयानबाजी कर अपना हवामहल तैयार करने का प्रयास कर रही है जिसको प्रदेश की जनता बेहतर तरीके से जानती है। भाजपा को आगामी विधानसभा चुनाव में कोई फायदा नही होने वाला है।
छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री से क्यों घबराई है भाजपा — केदार कश्यप
