10 माह से नहीं मिला मानदेय महिला पुलिस स्वयं सेविकाओं ने पकड़ी आंदोलन की राह, पाटन में जिलेभर की महिला पुलिस स्वयं सेविका


पाटन। जिले के महिला पुलिस स्वयं सेविकाओं को पिछले करीब 10 माह से उनका मानदेय नहीं मिला है । गौरतलब हो कि प्रति माह इन महिला पुलिस स्वयंसेविका को ₹1000 का मानदेय दिया जाता है। लेकिन पिछले 10 माह से अभी तक मानदेय नहीं मिलने से इन लोगों को काफी आर्थिक संकट से गुजर रहे है। महिला पुलिस स्वयं सेविकाओं का सेवा विभिन्न कार्यों में शासन प्रशासन द्वारा ली जा रही है । मानदेय नहीं मिलने से आक्रोशित महिला पुलिस स्वयंसेविका संघ ने 28 दिसंबर को पाटन में बड़ी आंदोलन करने की चेतावनी एसडीएम पाटन एवं पुलिस विभाग को दी है। उनके द्वारा सौंपा ज्ञापन में बताया गया है कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय एवं शासन की पहल से महिला सशक्तिकरण एवं राज्य में शांति व्यवस्था मजबूत करने हेतु छत्तीसगढ़ के 2 जिलों में दुर्ग एवं कोरिया में महिला पुलिस स्वयंसेविका को गठित कर नियुक्त किया गया है। जो कि शासन की योजनाओं का प्रसार कर लगातार महिलाओं के उत्थान कर रही है ।लोकसभा विधानसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव सहित विभिन्न कार्यों में इन महिला पुलिस स्वयंसेविका का सहयोग ले रही है। इसके अलावा अपने वार्ड में भी महिला पुलिस स्वयंसेविका कार्यरत है । इनके कार्य को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बधाई दी है ।लेकिन आज 10 माह हो गए इन महिला स्वयं सेविकाओं को मानदेय नहीं मिलने से इनको आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलन में पाटन थाना क्षेत्र ,अंडा थाना क्षेत्र, उतई क्षेत्र, अमलेश्वर थाना क्षेत्र सहित जिले के विभिन्न थाना क्षेत्र के महिला पुलिस और अपनी मांगों को लेकर 28 दिसंबर को आंदोलन करेंगी।

चित्र रेखा वर्मा,नीरू यादव,शिव कुमारी साहू,पुष्पा खरे,ज्योतिका यादव, रोशनी वर्मा,प्रेमलता धनकर,काजल वर्मा, जागेश्वरी यादव

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