केंद्र सरकार निजीकरण प्रथा बंद करें – फेडरेशन… यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस का किया समर्थन

रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने केंद्र सरकार द्वारा बैंकों के निजीकरण के लिए संसद में बैंकिंग लॉ अमेंडमेंट बिल को जनविरोधी बिल करार देते हुआ इस निर्णय का कड़ा विरोध किया है।
फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा एवम् प्रवक्ता विजय झा व बी. पी. शर्मा ने यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने 16 एवं 17 दिसंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल को समर्थन दिया है।
देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से देश भर के ट्रेड यूनियनों,अर्थशास्त्रियों,समाज शास्त्रियों , प्रबुद्ध जनों एवं जनसंगठनों की राय को गंभीरता से लेते हुए इस बिल को देश की अर्थव्यवस्था ,बैंकिंग सिस्टम एवं आम जनता के हितों के खिलाफ बताते हुए इस पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
उन्होने इसे जन विरोधी और देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने वाला बिल बतलाया है। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के दिनांक 16 एवं 17 दिसंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने पूर्ण समर्थन देते हुए चेतावनी देते हुए कहां है कि सरकार यदि इस बिल को वापस लेने के लिए पुनर्विचार नहीं करते तो बैंकों के राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन के साथ सड़क की लड़ाई से पीछे नहीं हटेगा।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन से जुड़े विभिन्न कर्मचारी संगठनों के कर्मचारी नेता डॉ. लक्ष्मण भारती, आर.केे.रिछारिया, संजय सिंह, राजेश चटर्जी, सतीश मिश्र,महेन्द्र सिंह राजपूत, बिन्देश्वर राम रौतिया,ओंकार सिंह, यशवंत वर्मा, सतीश मिश्रा, पंकज पाण्डेय, चन्द्रशेखर तिवारी, डी एस भारद्वाज, सत्येन्द्र देवॉगन, राम सागर कोसले,दिनेश रायकवार, प्रशांत दुबें, मूलचंद शर्मा,शशिकांत गौतम, मनीष ठाकुर, आर एन ध्रुव, डॉ अशोक प्रधान,अश्वनी चेलक,देवलाल भारती, अजय तिवारी, श्रीमती रंजना ठाकुर,सत्यदेव वर्मा, हरिमोहन सिंह, राकेश शर्मा,राकेश सिंह, रमेश ठाकुर, रवि गढ़पाले, शंकर वराठे, दिलीप झा, अश्वनी वर्मा, नीरज प्रताप सिंह,अनिल देवांगन, बजरंग मिश्रा टार्जन गुप्ता,, तुलसी राम साहू,होरीलाल छेदैय्या, गोपाल साहू, एम.एल.चन्द्राकर,केदार जैन,संजीव सिरमौर,उदय मुदलियार, आमोद श्रीवास्तव, संतोष वर्मा आदि ने यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के दिनांक 16 एवं 17 दिसंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का पूर्ण समर्थन करते हुए समस्त साथियों से हड़ताल को सफल बनाने की अपील की है।

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