गरियाबंद जिला के छुरा ब्लाक में शराब के नशे में प्रधान पाठक ने प्राथमिक शाला में पढ़ने वाली छात्रा को बैसाखी से मारा लगी गंभीर चोट

✍? रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद

कहते हैं कि स्कूल शिक्षा का मंदिर होता है और वहा पढ़ाने वाले शिक्षक को भगवान का दर्जा दिया जाता है जिसके कंधे के ऊपर बच्चों का भविष्य होता है समाज में सबसे बड़ा दर्जा शिक्षक को दिया जाता है पर वही शिक्षक जब शराबी हो और नशें में स्कूल जाये तो ये शिक्षा जगत के लिए सबसे शर्मसार करने वाली बात हो जाती है
ए पूरा मामला जिला मुख्यालय के छुरा ब्लाक संकुल केन्द्र कनसिंघी प्राथमिक शाला का है जहां के प्रधान पाठक टिकेश्वर शर्मा ने शराब के नशे में 5वी क्लास की छात्रा डेमेश्वरी साहू से मामूली बात पर लोहे के बैसाखी स्टीक से मारा जिससे बच्चे के हाथ में गंभीर चोट आई है।
पिड़ित छात्रा कुमारी डेमेश्वरी साहू ने बताया कि घटना शनिवार का 10बजे का है जहां मैं अपने क्लास में बैठी हुई थी इसी बीच हेलीकाप्टर को देखने के लिए अपने साथियों के साथ क्लास से निकल रही थी तो हेड मास्टर टिकेश्वर शर्मा ने अपने बैसाखी से हाथ पर मारा जिससे मैं दर्द में रोते हुए अपने पिता के पास गई और घटना का जानकारी पिताजी को दिया जिसके बाद मुझे छुरा सरकारी अस्पताल में इलाज के लें गये।
बच्ची के पिता ने कहा प्रधान पाठक टिकेश्वर शर्मा ने शराब के नशें में मेरे बच्ची को इतना बेरहमी से मारा जिससे मेरी बच्ची को गंभीर चोट आईं हैं।
बहरहाल जब सोमवार को 12 बजे मिडिया की टीम मामले में जानकारी लेने पहुंचे तो वहां प्रधान पाठक जी अनुपस्थित थे वहां के उपस्थिति पंजी में टिकेश्वर शर्मा द्वारा हस्ताक्षर किया गया था सहायक शिक्षक को जब प्रधान पाठक के बारे में पूछा गया तो बताया गया कि वो छुरा जा रहा हूं करके बोल के स्कूल से गये है , बाद में बच्चों से प्रधान पाठक के बारे में पूछा गया तो उन्होंने भी बताया कि वो स्कूल में शनिवार के दिन डेमेश्र्वरी को वैशाखी से मारा उसके बाद ओ रोते रोते घर चली गई मीडिया टीम द्वारा 2:30 बजे तक स्कूल में प्रधान पाठक का इन्तेज़ार करते रहे लेकिन महाशय नहीं आय अंत में 3 बजे मीडिया टीम द्वारा घर में जाकर देखा तो आराम कर रहे थे
ऐसे शिक्षक जो कि रजिस्टर में हस्ताक्षर करके गायब रहते हैं और घर में आराम करे बिना डूयटी किये शासन से अपने वेतन ले रहे हैं ऐसे संवेदनशील मामले की जानकारी मिडिया के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी को भी दी गई है। जिनके द्वारा छुरा ब्लाक बीईओ को मामले में जाँच के आदेश दिया गया है।
अगर इसी तरह कोई गुरु शिक्षा के मन्दिर में नशे के हालात में जाय और बच्चों को बुरी तरह से मारे पीटे तो निश्चित ही बच्चों के माता पिता अपने बच्चों को अनपढ़ रखना ज्यादा पसंद करेंगे,अब देखना है कि ऐसे में जिला प्रशासन क्या कार्यवाही करते हैं।

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