पंच पत्नी की जगह संकुल समन्वयक करता है रोजगार गारंटी में मेटगिरी का काम,बच्चो को पढ़ाने में दिलचस्पी नहीं रोजगार गारंटी में ज्यादा दे रहा है ध्यान

  • ग्राम पंचायत तौरेंगा में फर्जी मस्टररोल से रोजगार गारंटी योजना की राशि का हो रहा है दुरुपयोग

परमेश्वर कुमार साहू@गरियाबंद। अपने अजीबो गरीबों मामलों को लेकर हमेशा छुरा ब्लाक सुर्खियों में रहता है।एक बार फिर एक ऐसा मामला नजर आया जिसमें इस बार संकुल केन्द्र मुरमुरा के संकुल समन्वयक जो फुलझर में पदस्थ है ,जिसका निवास ग्राम पंचायत तौरेंगा में है जो इन दिनों अपने कार्यप्रणाली को लेकर सुर्खियों में है।बता दे कि शिक्षको का दर्जा समाज में सबसे ऊपर है, पर यह शिक्षक अपने शिक्षकीय गतिविधियों को भुलाकर इन दिनों पंचायत विभाग के कार्यो में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे है।बता दे कि संकुल समन्वयक कर्ण सिंग धनुषधारी की पत्नी कामनी बाई धानुषधारी वार्ड क्रमांक 6 पर निर्वरोध पंच चुनी गई है,पर जिस उद्देश्य से वार्डवासीयो ने निर्विरोध चयन किया गया उस पंच पत्नि की सब कार्य लेखा जोखा का देखरेख उसके शिक्षक पति संकुल समन्यवक संचालित करता है।जबकि शासन के आदेश में यह साफ तौर पर कहा गया है कि जनता द्वारा चुने गए महिला जनप्रतिनिधि के परिवार के किसी भी सदस्य को उनके कार्यों में दखल नहीं देना है ।लेकिन ग्राम पंचायत तौरेंगा में अपनी पत्नी की जगह स्वम शिक्षक स्कूली कार्य छोड़ स्कूल टाइम में रोजगार गारंटी के कार्यों में निरीक्षण करते नजर आ रहे है।शनिवार सुबह जब मीडिया ग्राम तौरेंगा के मौली पारा स्थित छोटे नाली में कार्य की देखरेख के लिए गए थे तो वहा शनिवार होने की वजह से सुबह स्कूल लगता है जो 7.30 बजे 11 बजे तक संचालित होता है।लेकिन उक्त शिक्षक स्कूल समय में रोजार गारंटी के काम में मेटगीरी करते नजर आए।ये वही संकुल समन्यवक है जो हमेशा अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतते हुए हमेशा टाइम से लेट स्कूल पहुंचते है।रोजगार गारंटी में मौके पर काम कर रहे मजदूरों से जब इस बारे में पूछा गया तो मजदूरों और वर्तमान पंच सहित पूर्व पंचों ने मीडिया को बताया कि कामनी बाई पंच है जो रोजगार गारंटी के काम में एक दिन भी नहीं आती है उसके पति जो गुरुजी है वो उनके जगह काम देख रेख करने आते है।मस्टररोल में कामिनी का रोज हाजरी डल रहा है और बाकी के पंचो का भी हाजरी डल रहा है।

रोजगार गारंटी के नाम पर राशि का हो रहा है खूब दुरुपयोग

गौरतलब है शासन द्वारा आम जनता को रोजगार देने के उद्देश्य से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना चला रहे है।ताकि लोगो को नियमित रोजगार मिले और आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।जिसके लिए शासन लाखो करोड़ों का बजट दे रहा है।लेकिन ग्राम पंचायत तौरेंगा के जिम्मेदारो द्वारा लापरवाही बरत कर शासन को चुना लगाने में लगे हुए है।ग्राम पंचायत तौरेंगा में नाली की साफ सफाई के लिए रोजगार गारंटी योजना के तहत 91 हजार रूपए की राशि स्वीकृत हुआ है।जिसमे से 78 हजार मजदूरी और शेष राशि सामग्री लिए उपयोग होना है।लेकिन ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक और सरपंच के कारनामे देखिए केवल 44 मजदूरों पर चार मेट नियुक्त किए है और 6 पंच देखरेख करते है। जिसमे रोज 6 पंच कार्यस्थल पर बैठकर काम करने वाले मजदूरों का तमाशा देखते है और उनका हाजरी बिना परिश्रम किए फ्री में मस्टररोल में दर्ज हो जाता है। इस तरह से रोज 44 मजदूरों में 10 लोगो का नाम बेवजह मस्टररोल में दर्ज हो रहा है। जिससे सरकार की योजना को पलीता लगा रहा है और फर्जी मस्टररोल के चलते शासन को चुना लगना लाजमी है।जबकि शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश है कि रोजगार गारंटी में पंचायत प्रतिनिधि बिना काम करे योजना का लाभ नहीं ले सकते है। तो वहीं अनुपस्थित वार्ड क्रमांक 6 के पंच कामिनी बाई धनुषधारी सहित बाकी पंचो का मस्टररोल में हाजरी डालकर ग्राम पंचायत तौरेंगा के जिम्मेदारों द्वारा बड़ा फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।

कार्यस्थल पर अब तक नहीं बना नागरिक सूचना बोर्ड

शासन द्वारा किसी भी निर्माण व विकास कार्य स्थल पर पारदर्शिता लाने सबसे पहले नागरिक सूचना बोर्ड लगाने के सख्त निर्देश दिए है।ताकि नागरिकों को पता चल सके कि शासन ने उनके लिए क्या कार्य स्वीकृति किए है और कितनी राशि प्रदान किए है।लेकिन शासन के निर्देशों का ग्राम पंचायत तौरेंगा में असर होते नहीं दिख रहा है।रोजगार गारंटी के तहत चल रहे कार्यस्थल पर पंचायत द्वारा अभी तक किसी भी प्रकार से सूचना बोर्ड नहीं लगवाया है।जो पंचायत प्रतिनिधियों की लापरवाही को साफ दर्शा रहा है।

वर्जन 1
मै रोजगार गारंटी नहीं जाता मै कुछ काम से वहा गया था ,मेरी पत्नी के नाम से मस्टर रोल चल रहा है। बिना काम किए वो लोग पंचों का मस्टररोल में हाजरी डाल रहा है उसे पंचायत ही बता पाएंगे।मै शिक्षक हूं केवल शिक्षा विभाग के बारे में जानकारी है ,पंचायत विभाग के बारे में कोई जानकारी नहीं है अगर आप इस बात को मीडिया में लाना चाहते तो वो अलग बात।

कर्ण सिंग धनुशधारी ,संकुल समन्यवक ,संकुल केन्द्र मुरमुरा

वर्जन 2

मुझे इसके बारे में पता नहीं है दिखवाता हूं
रेवा राम साहू,सचिव ,ग्राम पंचायत तौरेंगा

वर्जन 3
मै उसको दिखवाता हूं,मै भी अभी नया नया प्रभार लिया हूं।
कपिल नायक, मनरेगा पीओ,छुरा

वर्जन4

आप वैसा बोलेंगे तो मै रोजगार गारंटी बंद करवा दूंगा।मजदूर थोड़े बोलेगा सर,आपको किसी न किसी ने बोला है कोई बोले है उसी हिसाब से आप आए हो मजदूर कदापि नहीं बोलते है और आप तो जानते हो ये सब तो चलता है।

गीतांजल सोरी ,रोजगार सहायक ,ग्राम पंचायत तौरेंगा

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