उड़ीसा से धड़ल्ले से आ रहा है छत्तीसगढ़ में धान, प्रशासनिक लापरवाही:- युमेन्द्र कश्यप

✍? रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद

गरियाबंद/देवभोग- सीमावर्ती इलाके में उड़ीसा से धान भरकर लगातार इन दिनों छत्तीसगढ़ में लाने की कवायद तेज हो गई है। प्रशासन भी सक्रिय है, लेकिन फिर भी शासन प्रशासन के नाक के नीचे से होते हुए उड़ीसा सीमा से छत्तीसगढ़ में खपाने धड़ल्ले से धान भरकर लाया जा रहा है। जिस पर युवा संघर्ष मोर्चा गरियाबंद जिलाध्यक्ष युमेन्द्र कश्यप नें प्रशासनिक कार्य प्रणाली पर सवाल करते हुए जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि- प्रशासनिक लापरवाही के चलते उड़ीसा से धान भरकर बिचौलियों द्वारा धड़ल्ले से छत्तीसगढ़ लाया जा रहा है। 1 दिसंबर से प्रदेश में धान खरीदी शुरू होनी है लेकिन हर बार की तरह इस बार भी बिचोलिए प्रशासनिक लापरवाही के चलते खरीदी योजना का भरपूर फायदा उठाने में सक्रिय हो चुके हैं। बिचौलिए रात के अंधेरे में उड़ीसा से छत्तीसगढ़ धान लाकर रात के अंधेरे में उन किसानों के घरों व खलीहानों तक धान पहुंचा रहे हैं, जिन्होंने उत्पादन को बंपर दर्शाया है पर हकीकत में शून्य है। ऐसे किसान यही धान किसान सहकारी समितियों में खपाते है। श्री कश्यप ने आगे कहा पिछले पखवाड़े भर से देवभोग क्षेत्र से लगे ओडिशा के कालाहांडी, नवरंगपुर व नुआपड़ा जिले की सीमा से धान भरी दर्जनों गाड़ियां रोजाना रात के अंधेरे में सीमा पार कर देवभोग क्षेत्र के गांवों में पहुंच रही है।
ऐसा नहीं कि इसकी भनक प्रशासन को नहीं है, धान तस्करों का सारा रोड मैप स्थानीय प्रशासनिक तंत्र को मालूम है। वाहन धर पकड़ कर धान की तस्करी को रोकने में सक्षम सभी अधिकारियों ने अपना नेटवर्क सभी सीमाओं पर फैला रखा है। देवभोग क्षेत्र में अट्ठारह चेकपोस्ट होने के बावजूद भी धान तस्करों और बिचौलिये सक्रिय होकर बेखौफ गाड़ियां दौड़ा रहे हैं, यह प्रशासनिक लापरवाही है। शासन प्रशासन को धान तस्करों पर पूर्ण अंकुश लगाने हेतु छत्तीसगढ़ के सभी सीमाओं पर कड़ी सुरक्षा का प्रबंध की जानी चाहिए।

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