गरीब रामनाथ घातक बीमारी से ग्रसित,,इलाज के लिये जनप्रतिनिधियों की आस,,,

छुरा-छुरा विकास खण्ड के ग्राम करकरा निवासी रामनाथ निषाद उम्र 30 वर्ष पिता सुखूराम निषाद पिछले एक वर्ष से गंभीर बीमारी ब्रेनस्ट्रोक जैसे घातक बीमारी से जुजझ रहा हैं,जिससे उनके शरीर के आधा अंग काम करना बन्द कर दिया है, रामनाथ अपने इस घातक बीमारी का ईलाज कराते कराते आर्थिक रूप से अथक हो गये है और अब उके पार ईलाज के लिए उनका उम्मीद जनप्रतिनिधियों एवं शासन प्रशासन से आस लगाये बैठें है,

रामनाथ गरीब परिवार से है, जिसके घर पर बूढ़े माता पिता और पत्नी और दो छोटे छोटे बच्चे है जिनका पालन पोषण एक अकेला करता था, लेकिन एक वर्ष पूर्व जब उनको ब्रेनस्ट्रोक नामक बीमारी का अटैक आया तो उसने जो भी कमाया हुआ था वहां सब पैसा ईलाज मे खर्च हो गया और स्वास्थ्य पर कोई सुधार नही आया रामनाथ ने बताया जब अटैक आया तो सब से पहले ईलाज के लिए छुरा के छत्तीसगढ़ हास्पिटल मे ईलाज करा रहे थे वहां कोई सुधार नही आने पर वहां से रायपुर बालाजी हास्पिटल रीफर किया गया और बालाजी हास्पिटल मे भी दो सप्ताह तक ईलाज चलता रहा लेकिन उनके स्वास्थ्य मे कोई परिवर्तन नहीं होने के कारण हास्पिटल से वापस घर लाया गया क्योंकि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वापस लाया गया जहां ईलाज के दौरान लगभग दो लाख रुपय लाख खर्च हो चुका था और स्वास्थ्य पर कोई परिवर्तन नही हुआ था जिससे उनका आर्थिक स्थिति डगमगा गया था। इस स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने भी रामनाथ के ईलाज के लिए गांव मे चंदा इकट्ठा कर ईलाज के लिए ओडिशा लेगये थे लेकिन उनके स्वास्थ्य मे कोई सुधार नही आया ईलाज कराते कराते परेशान हो गया लेकिन उनके स्वास्थ्य पर कोई सुधार नही हुआ एक ओर गंभीर बीमारी और दुसरी तरफ गरीब और बूढ़े माता पिता और पत्नी बच्चेआय का कोई सहारा नही था,रामनाथ एक अकेला कमाने वाला ब्यक्ति था जो अपने परिवार और बूढ़े माता पिता का खर्च उठाया करता था, और अब आय का कोई अन्य जरिया भी नही है,और अब ऐसा हो गयाहै कि घर का खर्च भी चलाना मुश्किल हो गया है, ईलाज कराना तो दुर की बात है,इस स्थिति को देखते हुए जनप्रतिनिधियों एवं शासन प्रशासन से मदद की आस लगाये हुए हैं।

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