- स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ गरियाबन्द, तानाशाही रवैये के चलते प्रभारी बीएमओ छुरा को हटाने करेगे आंदोलन
परमेश्वर कुमार साहू@गरियाबंद। विगत दिनों पूर्व राजिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमितेश शुक्ला को प्रभारी बीएमओ छुरा को हटाने ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संवर्ग के समस्त कर्मचारी जिसमेआर एच ओ, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक् द्वारा विधायक रााजिम को 28 अक्टूूबर को पांडुका , सरकडा क्षेत्र दौरे पर आय थे तब अपनी समस्याओं से अवगत कराया और ज्ञापन दिया था ।
जिसमे विधायक द्वारा निराकरण करने का आश्वाशन दिया गया था, पर लगभग 20 दिनों बाद भी मामले को संज्ञान नही लिया गया। इस पर संघ ने संसदीय सचिव महासमुंद विनोद सेवन लाल चंद्राकर उनके निज निवास पर ज्ञापन दिया। जिस पर संसदीय सचिव ने तत्काल कार्यवाही के जांच के आदेश दिया ।लेकिन राजिम विधायक वा उनके पांडुका क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने ध्यान नही दिया।
ज्ञात हो की संगठन ने तानाशाही कर्मचारी विरोधी छुरा के प्रभारी बीएमओ डॉक्टर एस पी प्रजापति को हटाने की मांग की गई ।विदित हो कि वर्तमान में खंड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुरा डॉ एस पी प्रजापति वर्तमान में प्रभारी बीएमओ छुरा के पद पर कार्यरत हैं। चूंकि डॉक्टर प्रजापति ,प्रशासनिक अधिकारी एवं वेतन संवितरण अधिकारी भी हैं ।बीएमओ एस पी प्रजापति द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कर्मचारी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते है। उक्त कृत्य बीएमओ के तुच्छ मानसिक स्तिथि एवम तानाशाही कार्यशैली को प्रदर्शित करता है।जब पूर्व में उक्त मांगो एवं समस्याओं के निराकरण हेतु संगठन के कर्मचारी जिला के उच्च अधिकारी(CMHO) को अवगत कराने के उद्देश्य से भेंट करने जाने पर बीएमओ छुरा ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए एक दिवस के वेतन कटौती कर दिया गया । जबकि सामान्य प्रशासन विभाग के कर्मचारी कल्याण शाखा में स्पस्ट उल्लेखित है कि कर्मचारी अपने समस्याओं को लेकर उच्च अधिकारी से भेंट कर सकते है।
बीएमओ छुरा के उक्त वर्णित तानाशाह, अफसरशाही हठधर्मिता, असंवेदहीन रवैये के कारण समस्त कर्मचारी में आक्रोश है। इसलिए ब्लॉक छुरा के समस्त कर्मचारी बीएमओ छुरा डॉक्टर एस. पी.प्रजापति को पद से हटाने की एवम कार्यवाही की मांग की गई है और इस बीएमओ के अधीन कार्य करने में असमर्थता प्रकट की है। संगठन के पदाधिकारियों एवम स्वास्थ्य संवर्ग के कर्मचारियों ने प्रशासन से अनुरोध किये की बीएमओ हटाया जाए। जिस पर संगठन ने यह स्पस्ट किया बीएमओ को नही हटाये जाने पर जिला गरियाबन्द के समस्त स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संगठन के सदस्य (स्वास्थ्य संयोजक स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, एवम BETO) आंदोलन के लिये बाध्य होंगे। जिससे सम्पूर्ण गरियाबंद जिले की ग्रामीण क्षेत्रो में आयोजित
28 राष्ट्रीय कार्यक्रमो , कोविड टिकाकरण कार्य्रकम एवम अन्य ग्रामीण क्षेत्रो की जन कल्याणकारी योजनाएं एवम स्वास्थ्य सेवाए बाधित रहेगी। किसी भी प्रकार प्रतिकूल परिस्तिथि निर्मित होने की स्तिथि में सम्पूर्ण जवाबदारी तानाशाही प्रभारी बीएमओ छुरा एसपी प्रजापति, एवम शासन- प्रशासन की होगी। उक्त भेंट में जिले के स्वास्थ्य संवर्ग के समस्त कर्मचारी बहुतायत में उपस्थित रहे।
