रमन बताएं कि झीरम कांड की पारदर्शिता से संपूर्ण जांच कराने से क्यों डरते हैं भाजपा नेता : राजेंद्र साहू

  • डी पुरंदेश्वरी भी बताएं कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर किसका साथ, किसका विकास किया
  • मोदी सरकार के राज में आम जनता महंगाई से त्रस्त : सात साल में उद्योगपतियों और कार्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के सिवा कुछ नहीं किया

भाजपा की छत्तीसगढ़ प्रभारी डी पुरंदेश्वरी और भाजपा उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के बयानों पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने कड़ा प्रहार किया है। राजेंद्र ने कहा कि झीरम कांड की जांच रिपोर्ट से राज्य की कांग्रेस सरकार के भयभीत होने का बयान देकर भाजपा नेताओं ने कोरी बकवास की है। डी पुरंदेश्वरी ने भी भाजपा के सबका साथ सबका विकास की नीति के कारण छत्तीसगढ़ के विकास का बेसुरा राग छेड़ा है।
राजेंद्र ने कहा कि झीरम कांड से भाजपा नेता भयभीत हैं। जांच में गोलमाल का सबूत इसी बात से मिलता है कि सितंबर 2021 में जांच कमेटी ने जांच अधूरी होने का हवाला देकर आयोग का कार्यकाल बढ़ाने की मांग की और अक्टूबर के अंत में अचानक राज्यपाल को रिपोर्ट सौंप दी गई। जब जांच अधूरी थी तो एकाएक रिपोर्ट कैसे तैयार हो गई। साफ जाहिर है कि आधी-अधूरी रिपोर्ट सौंपी गई है।
भाजपा नेताओं के डर का ही नतीजा है कि इतिहास में पहली बार राज्यपाल को जांच रिपोर्ट सौंपी गई। सच छिपाने के लिए नियम कायदे को ताक पर रखकर राज्य सरकार को रिपोर्ट न देकर राज्यपाल को रिपोर्ट सौंपी गई। राजेंद्र ने कहा कि अगर कांग्रेस भयभीत होती तो झीरम कांड की निष्पक्ष जांच की मांग नहीं करती। 2013 में झीरम कांड की घटना के बाद से छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी लगातार मांग करती रही है कि जांच पूरी तरह पारर्शी तरीके से हो, ताकि इस घटना में शहीदों के परिवारों को न्याय मिल सके। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
डी पुरंदेश्वरी के बयान पर राजेंद्र ने कहा कि भाजपा ने सबका साथ सबका विकास तो किया ही नहीं। उन्हें बताना चाहिये कि केंद्र की मोदी सरकार ने बेतहाशा महंगाई बढ़ाकर किसका विकास किया। पेट्रोल-डीजल का दाम 40 रुपए और 50 रुपए बढ़ाने के बाद 5 रुपए और 10 रुपए कम करने की नीति मोदी सरकार की व्यापारिक नीति है। यह जन नीति नहीं है।
राजेंद्र ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने जनता के हितों की परवाह नहीं की। सात साल में केवल उद्योगपतियों और कार्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए फैसले किये गए हैं। सबका विकास करने की मंशा होती तो रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल, खाद्य सामग्री की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी न होती। डी पुरंदेश्वरी और रमन सिंह सहित भाजपा नेताओं को अगर सबका विकास करना है तो किसानों की उपज का समर्थन मूल्य बढ़ाने केंद्र सरकार को पत्र क्यों नहीं लिखते।
केंद्र सरकार ने केंद्रीय पूल में उसना चावल लेने से इंकार कर दिया है। भाजपा नेता उसना चावल लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाएं। धान खरीदी के लिए बारदाने की आपूर्ति के लिए केंद्र सरकार को पत्र भी लिखें। भाजपा नेता सिर्फ किसान हितैषी बनने का ढोंग न करें। राजेंद्र ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार सही मायनों में किसान हितैषी सरकार है। भूपेश सरकार किसानों को किसानों द्वारा उत्पादित अनाज व वनोपज का उचित मूल्य दे रही है। राज्य बनने के बाद इस साल पहली बार रिकॉर्ड एक करोड़ 5 लाख टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है।

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