पंथी नृत्य को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने उत्कृष्ट योगदान पर पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किए गए खोला पाटन निवासी डॉ.राधेश्याम बारले-

पाटन—मंगलवार 9नवम्बर छत्तीसगढ़ राज्य एवं पंथी नृत्य के प्रशंसकों के मंगलमय रहा। भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री पुरस्कार से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों छत्तीसगढ़ के पाटन क्षेत्र के खोला निवासी व पंथी कला के साधक डॉ.राधेश्याम बारले को पंथी नृत्य को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न आयोजनों एवं पंथी नृत्य के प्रस्तुति के उपलब्धिपूर्ण योगदान के लिए कला के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित होने का गौरव प्राप्त हुआ।
डॉ आर एस बारले को पद्मश्री सम्मान मिलने की जानकारी होने पर देश-विदेश एवं छत्तीसगढ़ राज्य से उनके प्रशंसकों ने बधाई देने का दौर शुरू हो गया है।
डॉ आर एस बारले बाल्यावस्था से ही पंथी कला के प्रति समर्पित थे तथा अपने निवास गांव खोला में युवाओं के पंथी पार्टी में अहम भूमिका निभाते हुए पंथी कला को अपने जीवन समर्पित कर दिए।
पंथी के अंतराष्ट्रीय कलाकार देवादास बंजारे जी के असमय चले जाना पंथी कला के लिए बड़ी क्षति थी। ऐसे समय में देवादास बंजारे स्मृति में बड़े आयोजन एवं श्रीं श्रीं रविशंकर द्वारा आयोजित बड़े आयोजन में उत्कृष्ट योगदान तथा देवादास बंजारे सम्मान हेतु छत्तीसगढ़ शासन स्तर पर योगदान भी डॉ आर एस बारले को पद्मश्री सम्मान से गौरवान्वित होने का बड़ा कारण रहा।
डॉ आर एस बारले को पद्मश्री सम्मान मिलने से छत्तीसगढ़ राज्य के लोगों एवं पंथी कला से जुड़े कला साधक अपने आप को के लिए गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

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