दुर्ग। जनपद पंचायत दुर्ग के अंतर्गत ग्राम पंचायत नगपुरा में अनोखा मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीण आकाश सेन द्वारा सूचना के अधिकार से प्राप्त जानकारी के आधार पर सरपंच सचिव द्वारा बैठक दिनांक 30.06.2020 को प्रस्ताव क्रमांक 14 एवं प्रस्ताव क्रमांक 8 तथा दिनांक 24.07.2020 प्रस्ताव क्रमांक 2 में दिनांक 29.08.2020 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के नाम पर ₹25000 राशि आहरण किया गया।
जिसकी शिकायत जिला पंचायत में किया गया। जिसके आधार पर जांच की गई। मामले की जांच के बाद जांच दल द्वारा जांच प्रतिवेदन में भी साक्ष्य को छुपाने के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव द्वारा रोकड़ बही को ही बदल दिया गया।जांच दल के प्रतिवेदन के अनुसार माननीय उच्च न्यायालय के नाम पर 29/08/2020 को अनाधिकृत रूप से ₹25000 हजार आहरण कर दुरुपयोग किया गया है साथ ही साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से रोकड़ बही व उनके सहयोगी अभिलेखों में परिवर्तन लिए सरपंच-सचिव को उत्तरदायी बताया गया है। छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम के 1993 के अधीन उचित कार्यवाही के भागी प्रतीत होना बताया है।
शिकायतकर्ता आकाश कुमार सेन युंका नेता ने कहा कि यह बात जांच प्रतिवेदन से प्रमाणित हो गया जिसमें स्पष्ट रूप से जांच अधिकारी द्वारा कहा गया कि सरपंच को छत्तीसगढ़ राज पंचायती अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत बर्खास्त कर दिया जाए तथा सचिव को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा( वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1960 के नियम 9 तत्काल निलंबित करें। जिला प्रशासन द्वारा उक्त मामले में सरपंच तथा सचिव को बर्खास्त तथा निलंबित नहीं किया गया तो इस मामले में फिर से हाई कोर्ट में रिट लगाया जाएगा।
