पोषण वाटिका से सुपोषित होंगें बच्चे


पाटन—शासकीय आंगनबाड़ियों में बच्चो को दिए जाने वाले और पके भोजन और बेहतर करने के लिए अनिल अग्रवाल फाउंडेशन एवं वेदांता समूह द्वारा नंदघरों के लिए पोषण वाटिका बनायी जा रही है।

इसके तहत इन नंद घरों के समीप शासकीय, अथवा पालकों के द्वारा उपलब्ध करायी जा रही भूमि पर पोषण वाटिका बनायी जा रही है। इन पोषण वाटिकाओं में मौसमी साग-सब्जियों एवं फलों का रोपण किया जा रहा है। फाउंडेशन द्वारा राज्य के 6 जिलों में गोद ली गयी कुल 234 ऑंगनबाड़ियों में से अब तक 126 में पोषण वाटिका तैयार की जा चुकी है।

इन पेाषण वाटिका से निकली हुयी हरी सब्जियों एवं ताजे फलों का उपयोग नंदघर में आने वाले बच्चों को नित्यप्रति पौष्टिक भोजन देने के लिए किया जा रहा है। साथ ही इन पोषण वाटिका से पालकों के मध्य यह समझ बन रही है कि कौन सी स्थानीय वनस्पति हाई मिनरल्स एवं एसेंसियल तत्व होने के कारण उपयुक्त है।

पोषण वाटिकाओं की देखभाल के लिये हर नंदघर में एक “पोषण एवं स्वच्छता समिति” का गठन किया गया है। यह समिति, ग्रामीण माताओं को पोषण के विभिन्न पहलू, बच्चों की उम्र और वजन के बीच का सम्बंध, तथा अलग-अलग प्रकार के भोजन की ‘‘न्यूट्रीशनल वैल्यू‘‘ पर नियमित जानकारी दी जा रही है।

राज्य स्तर पर प्रोग्राम प्रबंधक रिफत शमीम खान ने कि छत्तीसगढ़ में कुपोषण को शून्य पर लाने के लिए फॉउडेशन द्वारा बहुमुखी प्रयास किये जा रहे हैं जिसमें नंद घरों की पोषण एवं स्वच्छता समिति एक महत्तवपूर्ण अंग है। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन से इस सहयोग लेकर, सभी नंदघरों में ‘पोषण वाटिका मॉडल‘ को लागू करने का प्रयास किया जायेगा।जिला प्रोग्राम प्रबंधक अधिकारी धर्मेन्द्र साहू जनमित्रम

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