छुरा….क्षेत्र के आध्यात्मिक संस्थान प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेंटरों में नवरात्रि के उपासना पर्व पर योग तपस्या भठ्ठी का आयोजन किया गया था। नव दिवसीय योग तपस्या पश्चात आष्टमी को नव कन्या , ब्रह्मभोज सेवा केन्द्रों के सदस्यों द्वारा किया गया।राजिम सेवाकेंद्र के अन्तर्गत कोपरा,छुरा,अमलीपद्र,गरियाबंद फिंगेश्चर, कौंदकेरा खडमा आदि सेंटरों में ब्रह्मकुमारी बहनों का चुनरी एवम टीका लगा कर संस्था के सदस्यों द्वारा सम्मान कर सौगात भेट किए।इस अवसर पर ब्रह्मकुमारी बहनों ने अपने आशीर्वचन में कहा कि नवरात्रि शक्ति,उपासना का पर्व है।भक्त आत्माएं इस पर्व पर नवधा भक्ति करते,आत्मिक शक्ति,सुख,शांति की प्राप्ति के लिए मन्नते मांगते हैं।यह पर्व सनातन संस्कृति से जोड़ती हैं। आज के परिवेश में लोग सनातन संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं यही कारण है कि आज विश्व में अनैतिकता,अनाचार,आराजकता बढ़ती जा रही है।आज पूरा संसार काम,क्रोध,लोभ,मोह,अहंकार जैसे विकारों की अग्नि में जल रही है, यहां हर मनुष्य,सहित समस्त प्रकृति,पर रावण का राज है। इन पांच विकारों रूपी रावण पर विजय प्राप्त करने के लिए निराकार ज्योति बिंदु स्वरूप परमात्मा शिव से मन का गहरा योग होगा तभी विकारों रूपी रावण पर विजय प्राप्त कर सकते हैं।जिसके लिए देवी की आराधना भी बहुत जरूरी होता है।इसी लिए तो भगवान राम ने भी लंका पर चढ़ाई करने से पहले शक्ति की आराधना की थी। तभी हम सच्ची विजय दशमी मना सकते है। कोपरा सेवाकेंद्र में आयोजित कार्यक्रम में ब्रह्मकुमारी पुष्पा दीदी ने अपने संबोधन स्वरूप आशीर्वचन में संस्थान के दुर दराज से आए हुए लोगो से उक्त बातें कहते हुए नव रात्रि पर्व व विजय दशमी की शुभकामनाएं दी।
प्रजापिता ब्रम्ह कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में योग तपस्या शिविर
