बैकयार्ड पोल्ट्री के द्वारा बचत समूह की महिलाओं का आजीविका संवर्धन

रिलायंस फाउंडेशन और पशुधन विभाग के द्वारा बचत समूह की महिलाओं को बैकयार्ड पोल्ट्री का एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया पशुधन विभाग से डॉक्टर ममता मेंश्राम ने ट्रेनिंग दिया जिसमें ग्राम बुंदेलीकला, ग्राम महोबा और ग्राम खपरीकला से 18 बचत समूह के 29 महिलाओं एवं आठ पुरुषों ने भाग लिया. कुल 37 प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डॉ ममता मेश्राम ने बैकयार्ड पोल्ट्री की बारीकियों को समझाया, उन्होंने बताया कि बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग मुर्गी पालन छोटे व मझोले किसानों के लिए वरदान है. डॉक्टर ममता मेश्राम ने जानकारी दी और बताया कि मुर्गी पालन हेतु ऐसी प्रजातियों का चयन किया जाना चाहिए जो ग्रामीण परिवेश में आसानी से पले, जिन की शारीरिक बनावट अच्छी हो, जिनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता हो और अच्छा अंडा व मांस उत्पादन करने की क्षमता हो.

छत्तीसगढ़ के परिप्रेक्ष्य में कड़कनाथ व वनराजा जैसे प्रजातियां बेहद उपयुक्त हैं.
वनराजा दोहरे प्रजाति का है जिसके मांस व अंडे दोनों ही बेहतर होते हैं. इन्हें बिना किसी जाली के पूरे वर्ष भर घर में आसानी से पाला जा सकता है.
वनराजा प्रजाति से पूरे वर्ष में लगभग 180 से 200 अंडे प्राप्त किए जा सकते हैं और प्रति अंडे का औसत वजन 54 ग्राम तक होता है और लगभग एक माह में 1 से सवा किलो तक बढ़ सकते हैं. ममता विश्राम जी ने बताया कि वनराजा के के चूजे स्थानीय स्तर पर 30 ₹35 प्रति नग के दर से किसान प्राप्त कर सकते हैं.

डॉक्टर ममता मिश्रा ने आहार प्रबंध पर बताया की बैकयार्ड मुर्गी पालन में आहार पर खर्चा कम आता है क्योंकि मुर्गियां घूम घूम कर कीड़े मकोड़े खा कर वह घर का बचा भोजन खा कर अपना आहार का प्रबंध कर लेती हैं. उन्होंने सलाह दी कि उचित बढ़वार के लिए मुर्गियों को संतुलित मात्रा में आहार प्रदान करना चाहिए प्रतिदिन साफ पानी का व्यवस्था करना चाहिए एवं उनके रहने की जगह को प्रतिदिन नियमित रूप से सफाई करनी चाहिए.

उन्होंने बीमारियों से बचाव हेतु मुर्गियों को टीकाकरण की आवश्यकता पर जोर दिया और बताया कि बिना टीकाकरण के मुर्गी पालन का व्यवसाय बहुत ही जोखिम भरा होता है. इसके लिए 6 माह के अंतराल में रानीखेत बीमारी का टीका अवश्य लगवाना चाहिए वह 2 से 3 माह के अंतराल में आंतरिक व बाह्य परजीवी नाशक दवाई अवश्य देना चाहिए.
मुर्गी पालन से बचत समूह की महिलाएं अतिरिक्त आमदनी का जरिया बना सकती हैं.

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