रिपोर्टर-रोशन सिंह
उतई ।मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज उतई (डुमरडीह) द्वारा कुर्मि भवन में स्वामी आत्मानंदजी की जयंती बड़े हर्सोल्लास के साथ मनाया गया।कार्यक्रम का संचालन मुकेश वर्मा किये, अतिथि के रुप में पूर्व ग्राम प्रमुख श्री एम. एल. वर्मा, श्री सी. पी. वर्मा, श्री मति हेमलता वर्मा , श्रीमती हुलसी वर्मा एवं वरिष्ठ समाज सेवक श्री मांधाता मढ़रिया जी रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा स्वामी आत्मानंदजी के चित्र पर फूल माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित कर किया गया, उसके बाद छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत द्वारा अभिनंदन उपरांत कुर्मि समाज नगर महिला अध्यक्ष श्रीमती सुषमा वर्मा द्वारा स्वागत भाषण के बाद अतिथियों द्वारा उद्बोधन में, स्वामी आत्मानंदजी के जीवन आदर्श के बारे में बताया कि स्वामी रामकृष्ण परमहंस की भावधारा को स्वामी आत्मानंद ने छत्तीसगढ़ की जमीन पर साकार किया और मानव सेवा व शिक्षा संस्कार की अलख जगाई। स्वामी जी ने छत्तीसगढ़ सहित भारत के अनेकों जगहों पर आश्रमों की स्थापना कर वहां की शिक्षा व्यवस्था की। उनके द्वारा स्थापित किए गए आश्रमों में जाति धर्म के भेदभाव से ऊपर उठकर शिक्षित होकर वहां के छात्र छत्तीसगढ़ ही नहीं भारत के अनेक विभागों में सेवा दे रहे हैं, स्वामी आत्मानंदजी जीव सेवा को ही शिव सेवा मानते थे। समाज सुधारक और शिक्षाविद् के रूप में छत्तीसगढ़ में बड़ा योगदान हैं।आज उनके जीवन दर्शन की आवश्यकता इस समय के मानव समाज के लिए और ज्यादा प्रासंगिक एवं प्रेरणादायक है। कार्यक्रम मे अधिकांश स्वजनों की गरिमामय उपस्थिति रही- श्री परमानंद वर्मा, भानूराम वर्मा, राजकुमार वर्मा, सुरेन्द्र वर्मा,महेश वर्मा,अंचल वर्मा,खिलेश्वर वर्मा, देवेन्द्र वर्मा,भूषण वर्मा, मीना वर्मा ,सविता बघेल, अंजूलता वर्मा ,कमला वर्मा,कौशल्या वर्मा,त्रिवेणी वर्मा, लेखा वर्मा, भारती वर्मा ,सेजल वर्मा, सुनिता वर्मा,कविता वर्मा, मिनाक्षी वर्मा, कार्यक्रम के अंत मे मनवा कुर्मि समाज नगर अध्यक्ष श्री रविन्द्र वर्मा ने आभार प्रदर्शन के साथ कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के नामकरण से स्वामीजी द्वारा किए गए मानवसेवा पूर्ण कार्यों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। ऐसे महापुरुष ,हमारे पूर्वज, छत्तीसगढ़िया माटी पुत्र को शत्-शत् नमन एवं कार्यक्रम में उपस्थित आप सभी का आभार।
