भाजपा ने नाकाम रहे पांच मुख्यमंत्रियों को हटाया … रमन बताएं कि नाकाम प्रधानमंत्री को कब हटाएंगे? – राजेंद्र साहू

  • 15 साल तक रहे मुख्यमंत्री रमन पर कुछ नहीं किया, ढाई साल में भूपेश सरकार के जन हितैषी सौगातों से भाजपा नेता हो रहे भयभीत

दुर्ग। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के बयान पर तीखा पलटवार किया है। भाजपा द्वारा 6 माह में 5 मुख्यमंत्री बदलने और कांग्रेस के एक राज्य में ही अटकने संबंधी बयान पर प्रहार करते हुए राजेंद्र ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में नाकाम मुख्यमंत्रियों को बदला गया। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह अब यह बताएं कि साढ़े सात साल के कार्यकाल में हर मामले में नाकाम रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कब बदलेंगे।
राजेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में नोटबंदी, जीएसटी से न महंगाई कम हुई न काला धन वापस आया। मोदी न तो वादे के मुताबिक किसानों की आय दोगुना कर पाए न उनका कर्ज माफ कर पाए। दो करोड़ युवाओं को हर साल रोजगार भी नहीं दे पाए। महंगाई चरम पर है। देशवासी त्रस्त हैं। रमन बताएं कि हर मामले में विफल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कब बदल रहे हैं।
राजेंद्र ने कहा कि वास्तव में रमन सिंह का बयान बेतुका और हास्यास्पद है। रमन सिंह खुद 15 साल तक मुख्यमंत्री रहे। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह, गुजरात में नरेंद्र मोदी भी लंबे कार्यकाल तक सीएम रहे। कांग्रेस सरकार के ढाई साल के कार्यकाल के बाद ही मुख्यमंत्री बदलने की बात अब रमन सिंह किस मुंह से कर रहे हैं। राजेंद्र ने कहा कि रमन सिंह को कांग्रेस के आंतरिक मामले पर बयानबाजी करने की बजाय पूरे देश में भाजपा के खिसकते जनाधार की ओर ध्यान देना चाहिये।
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री ने आगे कहा कि वास्तव में रमन सिंह समेत अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जनहित के कार्यों से घबरा गए हैं। दूसरी ओर भाजपा शासित राज्यों के वर्तमान मुख्यमंत्री अपने राज्य में जनता के हित में काम नहीं कर रहे थे। जनता की लगातार अनदेखी करने के कारण भाजपा को डर था कि इन मुख्यमंत्रियों के नेतृत्व में वे चुनाव में हार जाएंगे और जनता भाजपा को करारा सबक सिखाएगी।
राजेंद्र ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा ने 15 साल के कार्यकाल में किसानों का कर्जा माफ नहीं किया। किसानों को 3 सौ रुपए प्रति एकड़ की दर से बोनस नहीं दिया। आदिवासियों को गाय नहीं दी। भूमिहीन परिवारों को पट्‌टा नहीं दिया। तूंदपत्ता का बोनस नहीं बढ़ाया। आदिवासी किसानों की जमीन का अधिग्रहण कर उद्योगपतियों को दे दिया। 15 साल तक रमन सरकार ने सिर्फ लोगों का शोषण किया है।
दूसरी ओर छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में आम जनता के हित में कई बड़े फैसले किये हैं। किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 9 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से भुगतान, सिंचाई के लिए पानी टैक्स माफ, किसानों का कर्जा माफ, आदिवासियों की जमीन उद्योगपतियों से वापस दिलाने के काम किये हैं। भूमिहीन मजदूरों को 6 हजार रुपए प्रति वर्ष देने की घोषणा भी की है। हाफ बिजली बिल, स्वामी आत्मामंद इंग्लिश मीडियम स्कूल और स्वास्थ्य विभाग का मजबूत ढांचा तैयार करने जैसे कई क्रांतिकारी कदम उठाए हैं।
इसी तरह देश में बेरोजगारी दर 7.5 प्रतिशत है, जबकि छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर 3.9 प्रतिशत है। भूपेश सरकार ने इंजीनियर, पटवारी, बाबू, शिक्षक, पुलिस भर्ती, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को नौकरी देने के अनेक फैसले किये, जिसके कारण छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर में काफी गिरावट आई है। 15 साल में कुछ न करने वाले रमन सिंह अब भूपेश सरकार के कार्यों से भयभीत होकर ऊलजलूल बयान दे रहे हैं।

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