अमलीपदर क्षेत्र ग्राम पंचायत उसरीजोर के इंदिरापारा मे भगवान श्री गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालुओं ने मिलकर माता सेवा का कार्यक्रम किया

✍? रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद

गरियाबंद मैनपुर अमलीपदर खबर
गजानन की कथा-
पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती स्नान के लिए चली गईं और उन्होंने द्वार पर गणेश जी को बैठा दिया। माता पार्वती ने गणेश जी से कहा था कि जब तक उनकी इजाजत न हो, वह किसी को अंदर न आने दें। तभी वहां पर भगवान शिव का आगमन हुआ। भगवान शिव ने प्रवेश की कोशिश की तो गणेश जी ने उन्हें रोक दिया। इस बात से क्रोधित होकर भगवान शिव ने गणेश जी का सिर धड़ से अलग कर दिया। जब माता पार्वती बाहर निकलीं तो यह देखकर व्याकुल हो उठीं और उन्होंने भगवान शिव से गणेश जी को बचाने के लिए कहा। तब भगवान शिव ने गणेश जी को हाथी का सिर लगा दिया।
परशुराम ने तोड़ दिया था गणेशजी का एक दांत-
भगवान शंकर और माता पार्वती अपने कक्ष में विश्राम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी को भी न आने दें। तभी भगवान शिव से मिलने के लिए परशुराम जी आए। लेकिन गणेश जी से भगवान शिव से मिलने से इनकार कर दिया। इस पर परशुराम जी को गुस्सा आ गया और उन्होंने अपने फरसे से गणेश जी का एक दांत तोड़ दिया
कार्यक्रम पर उपस्थित
विक्रम यादव , टूमन ध्रुव,
डोमार यादव, नरसिंह यादव ,मुकेश यादव , डूमेश नागेश , केशव नागेश,राजू तिवारी ,दिलीप सोरी , दशरथ सोरी, गणेश सोम,नरसिंह ओटी,लक्ष्मीधर सोम,तोरण यादव, गणेश नागेश, कुंवर सिंह यादव नमन पांडेय,उमंग सिंह , संस्कार सतपति अतुल ताम्रकार

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