छुरा ……. छुराक्षेत्र के आदिवासी अंचल के ग्राम गिधनी में अमात्य गोंड समाज में नवाखाई का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया देवी देवताओं की विशेष पूजा अर्चना कर नया चावल का भोग लगाया गया।नवाखाई का पर्व परंपरा अनुसार धूमधाम के साथ मनाया गया नवाखाई को लेकर अमात्य गोंड समाज में बहुत ही उत्साह देखने को मिल रहा है आदिवासी अंचल के गांव में नवाखाई के बाद नवा जोहर किया जाता है ।
इसी बीच आदिवासी अंचल में नवा खाई के दिन नवा चावल का भोग बड़ा देव दूल्हा देव देवी देवताओं एवं कुलदेवी तथा अपने पूर्वजों को अर्पित कर पूरे परिवार एक साथ नवाखाई का पर्व मनाया जाता है,
कोरिया पत्ता और धान का विशेष महत्व
नवाखाई पर्व में कोरिया पत्ता और नया धान का विशेष महत्व रहता है नवाखाई पर्व के दिन कोरिया पत्ता का दोना बनाकर पूजा अर्चना की जाती है और नया प्रसाद कोरिया पत्ता पर ही ग्रहण किया जाता है इसके बाद घर के सभी छोटे-बड़े सदस्य को नवाखाई जोहार अर्थात प्रणाम करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
अमात्य गोड़ परिवार में नवाखाई का पर्व भाद्रपद शुक्ल पक्ष सप्तमी के दिन आज सोमवार को धूमधाम से मनाया गया घर के आंगन में सभी परिवार बैठकर अपने बड़ादेव एवं इष्ट देवी देवताओं की पूजा करते हुए नए धान की बालियां चिवड, चावल, दूध, नारियल और अन्य भोग अर्पित किया गया तत्पश्चात परिवार के सभी सदस्य साथ में एक जगह बैठ कर चिवड़ा का प्रसाद ग्रहण करते हुए सामूहिक भोजन पश्चात बड़े बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया गया आपसी भाईचारा सभ्दाव के प्रतीक नवाखाई में एक दूसरे को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दिया।
