छुरा— विकासखड़ केअन्तर्गत ग्राम मड़ेली में हर साल की तरह इस साल भी कृष्ण जन्माष्टमी पर्व धूम-धाम से मनाया गया। सुबह से ही लोग उत्साहित नजर आए। युवा व युवतियां ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। महावीर चौक, कचना धुरुवा बाजार चौक को मथुरा- वृन्दावन की तरह सजाया गया। शाम 5:00 बजे श्री कृष्ण भगवान की प्रतिमा झुला में बिठा कर ग्राम प्रमुखों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं युवा साथियों के द्वारा पूरी विधि विधान से पूजा अर्चना कर छोटे छोटे बालक बालिकाओं को राधा-कृष्ण व गोपियां की तरह सजाया गया और रथ पर बिठा कर हर गली मोहल्ले में भ्रमण किया गया, जहां माताएं घर से निकल कर पूजा अर्चना और श्रीफल भेंटकर घर व गांव के लिए सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की और प्रसाद ग्रहण किये। गली भ्रमण कर पुनः महावीर , कचना धुरुवा बाजार चौक में पहुंचे जहां पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, एवं मटकी फोड़ का आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का संचालन प्रेमनारायण ध्रुव,गोरे लाल ठाकुर ने की। सांस्कृतिक कार्यक्रम के समापन के बाद रात्रि 12 बजे मटकी फोड़ी माखन लुटे। मटकी फोड़ने वाले टीम का नाम लड़ंग जझरंग जिसमें धान सिंग ठाकुर, तेजराम निर्मलकर, यादराम निषाद, गजेन्द्र ठाकुर,बिसहत निर्मलकर, ठाकुर राम कुर्रे,तुलशराम, सुरेन्द्र ठाकुर, एवं टीम के सभी सदस्यों का अहम योगदान रहा।
कृष्ण जन्माष्टमी पर्व इस साल 30 अगस्त दिन सोमवार को मनाया गया। जन्माष्टमी पर्व वसुदेव-देवकी के आठवें पुत्र भगवान कृष्ण के जन्म दिवस के रूप में मनाई जाती है। मान्यता है भाद्रपद कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को अर्धरात्रि में रोहिणी नक्षत्र में भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। जन्माष्टमी पूजा रात 12 बजे के करीब की जाती है। इस दिन लोग व्रत रखते हैं और श्री कृष्ण की प्रतिमा का खूबसूरत श्रृंगार करते हैं।
जन्माष्टमी का पर्व देश भर में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण का सुंदर श्रृंगार किया जाता है और कई जगह झाकियां निकाली जाती हैं। इस पर्व की खास रौनक भगवान कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा-वृंदावन में देखने को मिलती है। देश भर से लोग यहां कृष्ण जन्माष्टमी का खूबसूरत नजारा देखने को आते हैं। इस दिन भगवान कृष्ण के बाल रूप को झूला झुलाने की भी परंपरा है। जन्माष्टमी पर पूरे दिन व्रत रखा जाता है और रात 12 बजे कृष्ण जी की पूजा के बाद व्रत खोला जाता है।
मड़ेली में कृष्ण जन्माष्टमी पर्व धूम-धाम से मनाया गया
