(सतीश पारख की कलम से)
उतई-शुक्रवार साप्ताहिक बाजार के दिन उतई बाजार में अक्सर शाम के वक्त जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है।यह समस्या सिर्फ आज की नही वर्षों की है।पुरानी बातों पर जाएं तो स्थानीय निकाय सहिंत पोलिस प्रशासन का अनेकों बार लिखित व मौखिक रूप से ध्यान आकर्षण कर कम से कम 2 बजे से 8 बजे रात तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।भारी दबाव के चलते कॅरोना काल के पूर्व स्टॉपर लगाकर व चौक चौराहे पर पुलिस व्यवस्था देकर कुछ सप्ताह की राहत दी गई।किन्तु यह व्यवस्था पुनः ढाक के तीन पात साबित होती नजर आ रही है।ज्ञात हो कि उतई साप्ताहिक सब्जी बाजार के दिन आस पास के सैकड़ों गाँव के लोग सब्जी लेने आते है जिसके चलते सैकड़ों दुपहिया वाहनों का दबाव बाजार के अंदर व बाहर रहता है।यह व्यवस्था तब अव्यवस्था का रूप धारण कर लेती है जब चौपहिया वाहनों संग भारी वाहनों का भी प्रवेश हो जाता है।
ना जाने इस अव्यवस्था से कब स्थाई रूप से छुटकारा मिलेगा यह चर्चा का विषय है…..
