नगर पालिका अध्यक्ष ने ज़िलेवासियों को हरेली तिहार की दी शुभकामनाएं,

लोकेश्वर सिन्हा गरियाबंद ,

गरियाबंद। नगर पालिका अध्यक्ष गफ़्फ़ु मेमन ने ज़िलेवासियों को हरेली तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। पालिका अध्यक्ष ने कहा है कि हरेली तिहार पर हम अच्छी फसल की कामना के साथ खेती-किसानी से जुड़े औजारों और गोधन की पूजा कर धरती माता का भरण पोषण के लिए आभार व्यक्त करते हैं। यह छत्तीसगढ़ के जन-जीवन में रचा-बसा खेती-किसानी से जुड़ा पहला त्यौहार है।
वहीं अध्यक्ष मेमन ने कहा कि गांव-गांव में हरेली का पर्व बड़े उत्साह और उमंग से मनाया जाता है। सावन के महीने में हरियाली की चादर ओढ़े धरती का श्रृंगार देखते ही बनाता है। करीब डेढ़ माह तक जीतोड़ मेहनत करते किसान लगभग बुआई और रोपाई का कार्य समाप्त होने के बाद अच्छी फसल की कामना लिये सावन के दूसरे पक्ष में हरेली का त्योहार मनाते हैं।
इस दिन किसान अपने कृषि उपकरणों की पूजा बड़े की श्रद्धा और उल्लास के साथ करते हैं। किसान खेती किसानी के काम में उपयोग में आने वाले उपकरण जैसे हल, फावड़े, कुल्हाड़ी आदि को साफ धोकर उनकी पूजा करते हैं। किसान लोक पर्व हरेली पर आज खेती-किसानी में काम आने वाले उपकरण और बैलों की पूजा करेंगे। इस दौरान सभी घरों में पकवान भी बनेंगे।
इस दिन कुलदेवता की भी पूजा करने की परंपरा है। हरेली के दिन ज्यादातर लोग अपने कुल देवता और ग्राम देवता की पूजा करते हैं।साथ ही पशुओं के गोशाला को भी साफ और स्वच्छ कर उसमें नई मिट्टी या मूरूम डालकर सुव्यवस्थित करते हैं।
ग्रामीण अंचलों में आज भी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ हरेली का पर्व मनाया जाता है। जहां क्या बड़े, क्या बुढ़े सभी इस पर्व का आनंद उठाते हैं। इस पर्व में नारियल फेंक प्रतियोगिता का भी आयोजन कई जगह होते है। हरेली पर्व के माध्यम से छत्तीसगढ़ के किसान भगवान से अच्छी फसल की भी कामना करते है।
हरेली के दिन से ही छत्तीसगढ़ की पहचान गेंड़ी जो बांस से बना होता है -उसे बनाने की और उसमें चढ़ने की शुरूवात होती है। एक तरह से कहा जाए तो हरेली छत्तीसगढ़ में त्योहारों के शंखनाद का दिन होता है। जिसके बाद एक के बाद एक कई त्योहार आते हैं।

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