उतई महाविद्यालय में NCC 8 सीजी गर्ल्स बटालियन एन.सी.सी. रायपुर के तत्वावधान में “पर्यावरण संरक्षण में वैश्विक कार्यवाही के लिए युवाओं की सहभागिता”विषय पर एक दिवसीय वेबीनार सम्पन्न

रिपोर्ट-रोशन सिंह बम्भोले

उतई । शासकीय दानवीर तुलाराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय उतई दुर्ग के तहत 8 सी.जी. गर्ल्स बटालियन एन.सी.सी. रायपुर के तत्वावधान में विषय “YOUTH ENGAGEMENT FOR GLOBAL ACTION IN ENVIRONMENT CONSERVATION” पर एक दिवसीय वेबीनार का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में डॉ. अब्दुल अलीम खान विभागाध्यक्ष अंग्रेजी विभाग ने स्वागतीय भाषण में आज के युग में पर्यावरण संरक्षण पर प्रकाश डालते हुए युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया। वक्तव्य मुख्यवक्ता डॉ. हेमा कुलकर्णी, सहायक प्राध्यापक, शासकीय महाविद्यालय जामगांव (आर) दुर्ग, ने पर्यावरण संरक्षण हेतु मानव के कार्यविधियों को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि जल, वायु, मृदा को विषाक्त करने वाले पदार्थों एवं तत्वों को हमें नष्ट करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वृहत स्तर पर पौधरोपण करना चाहिए। कम से कम बिजली, पानी एवं इंर्धन युक्त वाहन का उपयोग करें तथा वर्षा के जल का संरक्षण करें सार्वजनिक स्थलों पर एवं घरों में भी इनका उपयोग आवश्यकतानुसार करें। मुख्यवक्ता डॉ. उत्कर्ष घाटे, रिसर्च मैनेजर एट वाधवानी आर्टिफिशियल इंटेलीजैन्स ने अपने व्याख्यान में बताया कि पर्यावरण संरक्षण एक गंभीर विषय है-दुर्लभ जीव जन्तु विलुप्त होने के कगार पर हैं जिन्हें सहेजना ही पृथ्वी की स्थिरता के लिए एवं मानव जीवन के लिए बहुत ही आवश्यकता है। पर्यावरण के संतुलन के लिए सभी जीव जन्तु की बराबर महता है। उन्होंने कहा कि उद्योगों से निकलता धुँआ, रॉ मटेरियलस आदि मानव व अन्य जीव जन्तुओं में तरह-तरह की बीमारियों को जन्म देते हैं। अतः हमें ज्यादा से ज्यादा मौसमी फलों का सेवन, रासायनिक खादों का कम से कम उपयोग करके पौष्टिक भोज्य पदार्थों के ज्यादा से ज्यादा उत्पादन पर केन्द्रित अर्थव्यवस्था को अपनाना चाहिए। प्राकृतिक संसाधनों का उचित दोहन एवं संसाधनों की बर्बादी को रोकना होगा। कार्यक्रम का संचालन करते हुए एन.सी.सी. ऑफिसर लेफ्टिनेंट डॉ. अनुसूईया जोगी ने कहा कि समाज के हर वर्ग, हर आयु, हर स्तरों के लोगों को साथ आना होगा तभी आज हम पर्यावरण संरक्षण की चुनौतियों को स्वीकार कर सकारात्मकता की ओर आगे बढ़ पाऐंगे।

“वृक्ष को बना, आभूषण धरा का
बूँद-बूँद जल सहेजना सीखो
गिरि कानन तब, रहेंगे दीर्घायु
हे मानव, तुम अपनी कलम से
पर्यावरण संरक्षण लिखो”
आभार प्रदर्शन प्रो. राकेश मिंज, विभागाध्यक्ष वाणिज्य विभाग ने किया। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों के सभी युवाओं को इस हेतु जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में डॉ. शुभा शर्मा, डॉ. पी. वसंत कला, डॉ. रीता गुप्ता, प्रो. अर्चना पाण्डेय, प्रो. मालती साल्वा, वाणिज्य विभाग विमेन्स क्रिश्चियन कॉलेज चेन्नई सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण समस्त स्टाफ एन.सी.सी., एन.एस.एस. के छात्र-छात्राओं एवं 8 सीजी गर्ल्स बटालियन के एन.सी.सी. केडेट्स ने जुड़कर एक दिवसीय वेबीनार में सहभागिता निभाई।

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