रिपोर्टर: रोशन सिंह बम्भोले
उतई। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित वृहत पढ़ना लिखना अभियान की कक्षाओं का सतत निरीक्षण राज्य स्तर के अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।
इसी तारतम्य में राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सहायक संचालक योजना एवं वित्त दिनेश टांक ने रुआबाँधा एवं रिसाली में संचालित कक्षाओं के औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षाओं में स्वयंसेवी शिक्षकों एवं चिन्हित शिक्षार्थियों की गतिविधि की प्रशंसा की। उन्होंने सभी स्वयंसेवी शिक्षकों एवं शिक्षार्थियों से प्रगति विषयक चर्चा की तथा कहा कि पूरे प्रदेश में लगभग 2.5 लाख शिक्षार्थियों को स्वयंसेवी शिक्षकों द्वारा ज़मीनी स्तर पर लगातार प्रयास कर साक्षर बनाया जा रहा है। अंत मे उन्होंने गीत के माध्यम से सभी को प्रेरित किया।
इस अवसर पर दुर्ग जिले के एडीपीओ अभय जायसवाल ने बताया कि दुर्ग जिले में कुल 945 स्वयंसेवी शिक्षकों द्वारा लगभग 10000 शिक्षर्थियों को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है एवं सभी अपने कार्य को पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा से कर रहे हैं।
दुर्ग ब्लॉक पढ़ना लिखना अभियान के नोडल प्रभारी बीआरसीसी गोविंद साव ने बताया कि जिस प्रकार पूर्व में प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम में लोगों को वृहत स्तर पर साक्षर होने का अवसर मिला था ऐसा ही इस अभियान के द्वारा कार्य किया जा रहा है दुर्ग विकासखंड में कुल 19 चयनित स्थलों में 1485 लोगों को साक्षर बनाने का कार्य प्रगति पर है और इस हेतु शिक्षर्थियों में उत्साह भी देखा जा रहा है, उन्होंने सभी स्वयंसेवी शिक्षको की सराहना की। एवं सबसे महत्वपूर्ण उन्होंने सभी स्वयंसेवी शिक्षकों एवं शिक्षार्थियों को अनिवार्य रूप से वैक्सीन लगवाने हेतु प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान एक विशेष बात ने सभी अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया, कक्षा निरीक्षण के दौरान दो ऐसे शिक्षार्थी माताएं अध्ययन हेतु उपस्थित थीं जिनकी पुत्रियां ही उस केंद्र में साक्षरता का अलख जगा रही हैं, उनसे पूछने पर बताया गया कि जब उन्हें इस अभियान के विषय मे बताया गया तभी से उन्होंने संकल्प कर लिया था कि इसका लाभ वे अपनी माताओं को अवश्य दिलाएंगी।
सभी ने उनके इस प्रयास की प्रशंसा की।
इस अवसर पर एल्डरमैन विलास बोरकर एवं श्री अनूप डे, भिलाई एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के चीफ प्रोग्रामर रितेश सर, रुआबाँधा क्षेत्र की मास्टर ट्रैनर श्रीमती ममता साहू, भगवती थपलियाल, नेम सिंग साहू,संजय चन्द्राकर एवं चंद्रहास देवांगन सहित अनेक लोग उपस्थिति थे।
