पाटन। किसान नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सभापति दुर्ग राकेश ठाकुर ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की सुराजी गांव योजना नरवा, गरुवा, घुरुवा बाड़ी से ग्रामीण अंचलों में उत्साह का एक नया वातावरण निर्मित हुआ है। नरवा कार्यक्रम के तहत राज्य में लगभग तीन हजार से अधिक नालों का उपचार कर जल संचयन से खेती किसानी समृद्ध होने लगी है। नालों के किनारे वाले खेतों के किसान अब दोहरी और तिहरी फसल लेने लगे हैं। उन्होंने बताया कि नीति और नियत सही हो तो सफलता जरूर मिलती है। यह कथन सिर्फ आम लोगों के जीवन में ही लागू नहीं होती, बल्कि शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों की सफलता की बुनियाद भी इसी पर टिकी होती है। राज्य में पशुधन विशेषकर गौ-माता की देखभाल और संरक्षण के लिए शुरू किए गए गरुवा कार्यक्रम के तहत गांव में निर्मित गौठान और गोधन न्याय योजना की अपार लोकप्रियता और सफलता के पीछे राज्य सरकार की नीति और नियत ही है जो सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। श्री ठाकुर ने कहा राज्य में 1135 गौठान आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन गए हैं। यह भूपेश बघेल सरकार की उपलब्धि है कि गौठान समिति और महिला समूह अपनी आर्थिक गतिविधियों के संचालन के लिए सक्षम और आत्मनिर्भर बन गए हैं। उन्होंने कहा गौठानों में गोधन न्याय योजना के तहत नियमित रूप से गोबर की खरीदी और महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट के निर्माण के साथ-साथ अन्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इससे लगभग हजारों महिलाओं को रोजगार और नियमित आय प्राप्त होने लगी है। कांग्रेस के भूपेश बघेल सरकार की यह महती योजना लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में संजीवनी का काम कर रही है।
वर्मी और सुपर कम्पोस्ट के उत्पाद से गौठान समितियां व हजारों महिलाएं प्राप्त कर रही रोजगार और आय – राकेश ठाकुर
