पाटन। महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना पाटन द्वारा स्वास्थ विभाग के समन्वय से दिनांक 22 जून 2020 से 3 जुलाई 2021 तक करीब 320 बच्चों की स्वास्थ्य जांच 14 से अधिक स्थानों पर करवाई गई । कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए स्वास्थ विभाग दुर्ग द्वारा बैठक आयोजित की गई थी । जिसके दौरान कलेक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने छोटे गंभीर कुपोषित बच्चों हाईरिस्क वाले बच्चों को पहचान कर उनकी स्वास्थ्य जांच करवाने, कोविड जागरूकता परामर्श तथा उनके माता-पिता को भी टीकाकरण करवाने हेतु प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया था। जिसके परिपालन मे परियोजना अधिकारी द्वारा गूगल फॉर्म के द्वारा बच्चों की जानकारी एकत्र करवाई गई। विभाग द्वारा तेलीगुंडरा,तरीघाट, रानितराई, निपानी, सेलूद,असोगा, दरबार मोखली, भन्सुली आर, कुर्मिगुंडरा, पन्दर,पाटन आदि स्थानों पर नजदीकी ग्रामों के चिन्हित बच्चों को नियत समय पर बुलाया गया। खंड चिकित्सा अधिकारी आशीष शर्मा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टर, स्टॉफ नर्स ,फार्मासिस्ट एवं अन्य कर्मचारी प्रतिदिन चिन्हित स्थानों पर पहुंच जाते थे।इसके अतिरिक्त गाड़ाडीह एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों ने भी सहयोग दिया। स्वास्थ्य जांच के पश्चात पोषण पुनर्वास स्टॉफ नर्स द्वारा कोविड उपयुक्त व्यवहार तथा पोषण परामर्श दिया जाता था। जनऔषधि केंद्र के माध्यम से बच्चों को प्रोटीन पाउडर, पोषण , मल्टीविटामिन, जिंक, कैल्शियम तथा मौसमी बीमारियों से संबंधित दवाइयां दी गई।

परियोजना अधिकारी सुमीत गंडेचा ने बताया कि अब सभी कुपोषित बच्चों के सभी परिवार जनों के टिकाकरण हेतु प्रोत्साहित करने का कार्य कार्यकर्ताओं द्वारा करवाया जा रहा है। स्वास्थ्य जांच में डॉ अरुणा सिन्हा, डॉ जीतेश सोनी, डॉ प्रवीण वर्मा, पोषण पुनर्वास स्टाफ नर्स सु श्री विधि गौतम, छाया देवांगन, फार्मासिस्ट पद्मिनी कोशले, किरण धुरन्धर, खुशबू, वाहन चालक अशोक देशमुख के साथ पर्यवेक्षक नम्रता तिवारी, तिलोत्तमा मोतघरे,ममता साहू चित्रलेखा साहू, समता सिंह,उर्वशी देशलहरा, झरना दास, मेघा मोहरिल,सुनीता पुसाम ने सक्रिय रूप से सहयोग दिया।
