पाटन। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ गंभीर सिंह ठाकुर के आदेश तथा खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ आशीष शर्मा के मार्गदर्शन में सेक्टर पर्यवेक्षक राजेन्द्र कुमार टंडन व सेक्टर सेलूद के ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजको ने सेलूद के राइस मिल पारा में मौसमी बीमारियों मलेरिया ,डेंगू, उल्टी दस्त, पीलिया आदि से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जंहा उपस्थित ग्रामीणों को जानकारी देते हुए सेक्टर पर्यवेक्षक राजेन्द्र कुमार टंडन ने बताया कि प्रत्येक वर्ष स्वास्थ्य विभाग जून माह को मलेरिया माह के रूप में मनाते है वर्तमान समय में मलेरिया व डेंगू दोनों की रोकथाम अति आवश्यक है इसलिए ग्रामीणों को सजग रहना अति आवश्यक है उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि मलेरिया होने का मुख्य कारण परजीवी मादा एनफिलिज मच्छर है जो की सामान्यतः शाम को अँधेरा होते वक्त या फिर सुबह के वक्त काटते है तथा ये ठहरे हुए गंदे पानी में शीघ्रता से पनपते है , ग्रामीणों को मलेरिया के लक्षणों के बारे में बताया गया की मलेरिया होने पर तेज बुखार सहित सर्दी -खासी जैसे कई लक्षण सामने आते हैं। इनमें ठंड के साथ जोर की कंपकंपी, सिर में दर्द, मांशपेशियों में दर्द, थकावट आदि शामिल हैं। मितली, उल्टी, डायरिया जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। खून की कमी और आंखों के पीला होने जैसी स्थितियां भी आ सकती हैं।मलेरिया के कारण खून की कमी और पीलिया भी हो सकता है रोग के गंभीर मामलो में यह किडनी फेल्योर और साँस संबंधी समस्याओ का कारण भी बन सकता है समुचित इलाज न मिलने पर पीड़ित की मृत्यु भी संभव है इसलिए मलेरिया के कोई भी लक्षण मिलने पर मितानिन तथा स्वास्थ्य संयोजक या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर तत्काल खून की जाँचअवश्य कराना चाहिए । वर्तमान समय में शासन ने मलेरिया के जाँच के लिए मितानिन तथा स्वास्थ्यकेंद्रो में रैपिड डायग्नोस्टिक किट उपलब्ध कराया है जिससे 10 से 15 मिनट में मलेरिया की जाँच हो जाती है तथा तत्काल प्राथमिक उपचार भी मरीज को प्राप्त हो जाता है ।स्वास्थ्य संयोजक बसंत कुमार साहू ने मलेरिया से रोकथाम के उपाय के बारे में जानकारी देते हुए कहा की किसी भी रोग से बचाव के लिए स्वच्छता आवश्यक है मलेरिया के मच्छर गंदे पानी तथा साफ पानी दोनों में पनपते है इसलिए घरो में कूलर के पानी को प्रत्येक सप्ताह बदलना चाहिए, घर के आसपास के गढ्डे तथा नालियो में मिटटी का तेल या जले ऑइल को प्रत्येक सप्ताह छिड़काव करना चाहिए ,पुराने टायरों ,बर्तन आदि में पानी का जमाव नहीं होने देना चाहिए ,सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए ,पुरे आस्तीन का कपड़े पहनना चाहिए, शाम के समय नीम के पत्ते का धुंआ करना चाहिए। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से खेलेन्द्र कुमार कुर्रे, बिष्णु देवांगन,आर एस शांडिल्य ,रिजवान अहमद,वंदना चौधरी मितानीन गोदावरी बंजारे सहित ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग सजग… ग्रामीणों को बताए मलेरिया ,डेंगू से बचाव के तरीके… मलेरिया माह के तहत चला रहे जागरूकता कार्यक्रम… बुखार आने पर तत्काल आर डी किट से खून की जांच अवश्य कराने की अपील
