कांग्रेस सरकार की वादा खिलाफी के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विधायक शिशुपाल सोरी के निवास का घेराव किया

कांकेर। भारतीय जनता पार्टी अनूसूचित जनजाति मोर्चा द्वारा प्रदेश की कांग्रेस सरकार की वादाखिलाफी के विरोध मेें पूर्व विधायक सुमित्रा मारकोले, भाजपा जिला महामंत्री दिलीप जायसवाल, अजजा के प्रदेश कोषाध्यक्ष छत्रप्रताप दुग्गा की उपस्थिति व अजजा मोर्चा के जिलाध्यक्ष आशाराम नेताम के नेतृत्व में आज भाजपा कार्यालय कमल सदन से पैदल मार्च व कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कांकेर विधायक शिशुपाल शोरी के निवास का घेराव करते विधायक प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ता प्रदेश में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के ढाई साल पूरा होने के बाद भी कांग्रेस द्वारा आदिवासी समाज से किये गये घोषणा व वादों को पूरा ना कर पाने की तरफ सरकार का ध्यान आकृष्ट कराना चाहते हैं। विधानसभा चुनाव के पूर्व कांग्रेस पार्टी ने अपने जन घोषणा पत्र में आदिवासियों को आकर्षित करने के लिये जो लोक.लुभावन घोषणा किया गया था जिसके परिणामस्वरूप अजजा आरक्षित 29 में से 27 सीट तथा 3 सामान्य सीट से भी अजजा वर्ग के कांग्रेस विधायक चुनाव जीते परंतु दुर्भाग्यवश कांग्रेस सरकार का आधा कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद भी आदिवासी वर्ग से किये गये घोषणा और वादों पर अब तक कोई सकारात्मक पहल प्रारंभ नहीं की गई है और ना ही कांग्रेस के 30 अजजा विधायकों के द्वारा घोषणा को पूरा कराने की दिशा में कोई आवाज उठाई गई है। ढाई साल के भूपेश बघेल सरकार की इस बेरुख़ी से आदिवासी वर्ग आहत है और सत्तापक्ष के आप विधायकों की चुप्पी से ऐसा लग रहा है मानो वे कुम्भकर्णी निद्रा में मग्न हैं। भूपेश बघेल सरकार को निद्रा से जगाने के लिये अनुसूचित जनजाति मोर्चा सजग है और मांग करती है कि अपने जन घोषणा पत्र व वादों के निम्न मांगों पर भूपेश बघेल सरकार से तत्काल क्रियान्वयन की दिशा में पहल करें.
1 कांग्रेस के जन घोषणा पत्र में वन अधिकार पूर्णतः लागू करते हुये समर्थन मूल्य पर एक.एक दाना लघु वनोपज की खरीदी का वादा किया गया था । लघु वनोपज की खरीदी के लिये प्रदेश शासन ने कोई नीति नहीं बनाई है और ना ही अधिकारियों को कोई दिशा.निर्देश जारी किया गया है। भाजपा सरकार में हरा सोना कहा जाने वाले तेंदूपत्ता की खरीदी लगभग 10 दिनों तक होती थी। तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस व चरण पादुका और जीवन बीमा प्रदान किया जाता था। संग्राहक परिवार के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती थी परंतु कांग्रेस की सरकार में ये सब सुविधाएं बंद कर दी गई। तेंदूपत्ता की खरीदी भी मात्र एक और दो दिन ही की गई,
2 अपने जन घोषणा पत्र में कांग्रेस ने कहा था कि वनाधिकार के सभी निरस्त आवेदनों पर पुनः सुनवाई करते हुए सभी को व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र प्रदान किया जायेगा। आज दिनांक तक वनाधिकार पत्र प्रदान करने की दिशा में शासन के तरफ से कोई कार्यवाही नहीं की गई ढाई साल के इस शासनकाल में पैसा कानून का सर्वाधिक उल्लंघन किया जा रहा है। भाजपा शासनकाल में रेत सहित अन्य गया गौण खनिजों का प्रबंधन ग्रामसभा की अनुमति से ग्राम पंचायत करता था परंतु कांग्रेस की सरकार आने के बाद से रेत खदानों की नीलामी खनिज विभाग के माध्यम से प्रारंभ करवाई गई, ये पेसा कानून का उल्लंघन है। इस निर्णय से प्रदेश में रेत माफिया सक्रिय हो गये।
4 प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र समझे जाने वाले अति पिछड़ी जनजातियों के साथ.साथ आदिवासी समाज पर प्रताड़ना और दुष्कृत्य की घटनाओं पर अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। कोंडागांव, बलरामपुर, रायगढ़, कवर्धा, जशपुर में तो नाबालिग आदिवासी बहनों पर दुष्कर्म की अनेक घटनाएं मानवता को शर्मसार करती हैं परंतु कांग्रेस सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंगती।

  1. सिलगेर की दुर्भाग्यजनक घटना पर भी कांग्रेस के जनजाति विधायकों की चुप्पी मानवता को झकझोरती है। भाजपा शासनकाल में जब पुलिस कैम्प की स्थापना की जाती थी तब ग्रामसभा अनुमति लेकर वहां के स्थानीय ग्रामीणों को कैम्प की आवश्यकता बताकर उनसे संवाद किया जाता था परन्तु कांग्रेस सरकार द्वारा सिलगेर में स्थानीय लोगों को विश्वास में ना लेकर जोर.जबर्दस्ती करना निंदनीय है। पुलिस कैम्प के विरोध करने पर आदिवासियों पर गोली चलाने की घटना का कड़ाई से जांच आवश्यक है। गोलीबारी से 4 लोगों की मृत्यु पर पुलिस द्वारा उन्हें नक्सली बताना और बस्तर के समस्त सीटों से जीते कांग्रेस विधायकों सहित छग शासन की चुप्पी कांग्रेस की आदिवासी विरोधी मानसिकता को दर्शाती है।
    6 कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से प्रदेश में जनजाति वर्ग के सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति पर शासन के गलत निर्णयों के कारण रोक लगी हुई है। अजजा वर्ग के शासकीय सेवकों को पदोन्नति के साथ.साथ पदोन्नति में आरक्षण का अधिकार मिल सके परन्तु कांग्रेस सरकार इस पर भी कोई ठोस निर्णय नहीं ले पा रही है।
    7 कांग्रेस ने आदिवासी समाज से वादा किया था कि सरकार में आते ही 100 दिन के अंदर फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारकों पर वैधानिक कार्यवाही करते हुये उन्हें शासकीय सेवा से बर्खास्त किया जायेगा। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारकों पर भी अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं कर पाई है।
    अतः उपरोक्त ज्वलंत मुद्दों पर कांकेर विधायक भी आदिवासी जनप्रतिनिधि होने के नाते भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार से अपने जन घोषणा पत्र के अनुरूप निर्णय एवं समाधान करवाने की पहल करेंगे। इस विरोध प्रदर्शन में तारा ठाकुर, देवेन्द्र भाउ, हीरा मरकाम, निपेन्द्र पटेल, नारायण पोटाई, संजय सिन्हा, मनोज ध्रुव, हेम मण्डावी जीतू पोटाई, गोविंद दर्रो, उत्तम जैन, शैलेन्द्र शोरी, उत्तम यादव, विजय साहू, दशरथ साहू, सावत राम नेताम, जगत भण्डारी, राजू निषाद, प्राण सिंह तेता, संत राम कंजाम, राय सिंह मण्डावी , दशरथ नेताम सहित अन्य भाजपा व अजजा मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।

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