अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने बताया उन्हें जानकारी मिली है बिलासपुर से लगे कोनी क्षेत्र के पोंसरा गाँव में रहने वाली महिला राशि सिंह को कुछ ग्रामीणों द्वारा जादू टोने के सन्देह में प्रताड़ित किया जाता था, जिससे वह शारीरिक व मानसिक रूप से भी परेशान रहती थी. इसी परेशानी व अपमान के चलते उसने 9 तारीख की सुबह तकरीबन सुबह 5 बजे ख़ुद पर मिट्टीतेल छिड़क कर आग लगा ली.जिसे
सबसे पहले उनके 17 साल के बेटे ने अपनी माँ को जलते देखा,तब उसने मदद के लिए आवाज़ लगाई और अन्य परिजनों के आने पर सहयोग से कम्बल से आग बुझाने लगे. तथा बाद में उस महिला को सिम्स अस्पताल बिलासपुर में भर्ती कराया गया.
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने टोनही प्रताड़ना की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से इस मामले में कड़ी कार्यवाही की मांग की है.कोई भी महिला आत्मदाह का निर्णय तभी लेती है जब वह शारीरिक, मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान हो चुकी हो तथा उसे प्रताड़ना ,परेशानी से बचने का कोई अन्य रास्ता नजर न आ रहा हो .21 वी सदी में ऐसी घटनाएं प्रगतिशील व सभ्य समाज के लिए अत्यंत शर्मनाक हैं.
मनुष्य एवम पशुओं की बीमारियों के अलग अलग कारण होते हैं ,कोई भी प्राणी संक्रमण,कुपोषण अथवा दुर्घटना से बीमार होता है.संक्रमण बैक्टेरिया, वायरस, फंगस से होता है जिसका उसी के अनुसार उपचार किया जाता है कुपोषण, से मुक्ति के लिए सन्तुलित आहार, और दुर्घटनाओं से सावधानी से बचा जा सकता है .नजर लगने, जादू टोने जैसी मान्यताये भ्रामक व अंधविश्वास हैं ,जिन पर ग्रामीणों को विश्वास नहीं करना चाहिए.
डॉ . दिनेश मिश्र ने कहा , जादू टोने का कोई अस्तित्व नहीं होता .तथा कोई नारी टोनही /डायन नहीं होती,यह सिर्फ मन का भ्रम,और सिर्फ अंधविश्वास है, इस कारण किसी भी निर्दोष पर डायन/ टोनही होने का सन्देह करना, उसे प्रताड़ित करना शर्मनाक तथा गम्भीर अपराध है .
डॉ मिश्र ने कहा हमारी प्रशासन से मांग है कि इस मामले पूर्ण जाँच कर उस महिला की प्रताड़ना में अनेक दिनों से शामिल रहे सभी दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए उन्हें कड़ी सजा मिले ,तथा निर्दोष प्रताड़ित महिला को उपचार न्याय,मुआवजा मिल सके.
डॉ दिनेश मिश्र
नेत्र विशेषज्ञ
अध्यक्ष अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति. छत्तीसगढ़.
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